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पंचायत चुनाव: विकास दुबे की पत्नी के चुनाव लड़ने की अटकलें, बिकरू और भीटी की सीटें पिछड़े वर्ग के लिए हुईं आरक्षित
Thu, 04 Mar 2021 03:28 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 04 Mar 2021 03:28 PM IST
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विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे
- फोटो : amar ujala
बिल्हौर तहसील क्षेत्र की सभी 11 जिला पंचायत सीटों, सभी 215 ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए आरक्षण संबंधी अनंतिम सूची जारी हो गई है। आरक्षण सूची जारी होने के बाद से शिवराजपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत बिकरू, भीटी सहित घिमऊ जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
घिमऊ जिला पंचायत सीट वर्ष 2015 में महिला आरक्षित थी। यहां से कुख्यात विकास दुबे की पत्नी सोनू उर्फ रिचा दुबे निर्वाचित हुई थी, जबकि बिकरू ग्राम पंचायत से विकास दुबे के भाई दीपू की पत्नी अंजलि दुबे व भीटी से उसका शागिर्द जिलेदार सिंह यादव निर्वाचित हुए थे।
इस बार बिकरू और भीटी ग्राम पंचायत की सीटें पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गई हैं। इसलिए चाहकर भी विकास दुबे या उसके परिवार का कोई सदस्य उक्त ग्राम पंचायतों से प्रधान पद का चुनाव नहीं लड़ पाएगा। घिमऊ जिला पंचायत सीट इस बार भी अनारक्षित है, ऐसे में यहां से विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे और उसके चचेरे भाई के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाओं और आंकड़ेबाजी का दौर जारी हो गया है।
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वर्ष 2015 में शिवराजपुर विकास खंड क्षेत्र की घिमऊ जिला पंचायत सीट पर नामांकन की अंतिम तिथि से कुछ घंटे पहले ही कुख्यात विकास दुबे ने अपनी पत्नी सोनू उर्फ रिचा दुबे का गाजे-बाजे के साथ नामांकन कराया था। विकास दुबे का चुनाव में दखल इतना था कि घिमऊ जिला पंचायत सीट से कई उम्मीदवार खुद ही मैदान छोड़कर चले गए थे।
घिमऊ सीट से चुनाव लड़ रहे 16 प्रत्याशियों में सिर्फ विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ही अपनी जमानत बचा पाईं थीं। शेष सभी 15 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। 21959 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, इसमें रिचा दुबे को सर्वाधिक 6,997 मत मिले थे।
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घिमऊ जिला पंचायत सीट वर्ष 2015 में महिला आरक्षित थी। यहां से कुख्यात विकास दुबे की पत्नी सोनू उर्फ रिचा दुबे निर्वाचित हुई थी, जबकि बिकरू ग्राम पंचायत से विकास दुबे के भाई दीपू की पत्नी अंजलि दुबे व भीटी से उसका शागिर्द जिलेदार सिंह यादव निर्वाचित हुए थे।
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इस बार बिकरू और भीटी ग्राम पंचायत की सीटें पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गई हैं। इसलिए चाहकर भी विकास दुबे या उसके परिवार का कोई सदस्य उक्त ग्राम पंचायतों से प्रधान पद का चुनाव नहीं लड़ पाएगा। घिमऊ जिला पंचायत सीट इस बार भी अनारक्षित है, ऐसे में यहां से विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे और उसके चचेरे भाई के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाओं और आंकड़ेबाजी का दौर जारी हो गया है।
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वर्ष 2015 में शिवराजपुर विकास खंड क्षेत्र की घिमऊ जिला पंचायत सीट पर नामांकन की अंतिम तिथि से कुछ घंटे पहले ही कुख्यात विकास दुबे ने अपनी पत्नी सोनू उर्फ रिचा दुबे का गाजे-बाजे के साथ नामांकन कराया था। विकास दुबे का चुनाव में दखल इतना था कि घिमऊ जिला पंचायत सीट से कई उम्मीदवार खुद ही मैदान छोड़कर चले गए थे।
घिमऊ सीट से चुनाव लड़ रहे 16 प्रत्याशियों में सिर्फ विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ही अपनी जमानत बचा पाईं थीं। शेष सभी 15 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। 21959 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, इसमें रिचा दुबे को सर्वाधिक 6,997 मत मिले थे।