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अगर बच्चे करते हैं मोबाइल का अधिक इस्तेमाल ताे उन्हें फाैरन राेकिये हाे सकती हैं ये दिक्कत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 03 Dec 2017 05:05 PM IST
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आंखों के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। हम जाने अनजाने कुछ ऐसी आदतों को अपना लेते हैं जिसके चलते हमारी आंखों को नुकसान होने लगता हैं। फोन, टैबलेट, टीवी और कंप्यूटर का लगातार इस्तेमाल हमारी आंखों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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टाइटन आई प्लस की ओर से कानपुर स्थित लाफिंग बुद्धा एकेडमी में नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर के दाैरान चिकित्सक डॉ. अतुल अग्निहोत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से बच्चों की आंखों में तरह-तरह की बीमारियां हो रही हैं।
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कम रोशनी में या लेटकर पढ़ने की आदत भी आंखों की सेहत के लिए हानिकारक होती है। अंधेरे में पढ़ने से आंखों को आगे चलकर नुकसान हो सकता है।
रोशनी की कमी से आंखों की पुतलियां फैल जाती हैं। परिणाम स्वरूप दृष्टि क्षेत्र की गहनता यानी आंख के फोकस में नजदीक और दूर की चीजों के बीच फर्क का कम होना।
रोशनी की कमी से आंखों की पुतलियां फैल जाती हैं। परिणाम स्वरूप दृष्टि क्षेत्र की गहनता यानी आंख के फोकस में नजदीक और दूर की चीजों के बीच फर्क का कम होना।
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कुछ आंखों के डॉक्टरों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन, जैसे हमारे कंप्यूटर, टेबलेट्स और स्मार्टफोन से निकालने वाली नीली लाईट सूरज की पराबैंगनी किरणों की तरह हानिकारक हो सकती है।
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इसके अलावा कंप्यूटर और लैपटॉप के स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी से आंखें खराब होने के साथ-साथ मोतियाबिंद जैसी बीमारी तक हो सकती है।
कई लोग इस वजह से अनिद्रा के भी शिकार हो जाते हैं।
कई लोग इस वजह से अनिद्रा के भी शिकार हो जाते हैं।