'दुश्मन के मंसूबों को' नेस्तनाबूद करने के लिए ओएफसी ने बनाया मोर्टार बम, सेना परखेगी दम
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मोर्टार बम को आसानी से दागा जा सकता है। मौजूदा समय में सेना इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल बॉर्डर पर करती है। आयुध निर्माणी में 120 एमएम कैलीबर हाई एक्सप्लोसिव (एचई) मोर्टार बम का निर्माण शुरू हो गया है। अभी सेना देसी और विदेशी प्राइवेट कंपनियों से मोर्टार बम खरीदती है। आयुध निर्माणी कानपुर के संयुक्त महाप्रबंधक सुभाष चंद्रा ने बताया कि मोर्टार बम बनाने का काम पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फैक्ट्री को पहली बार मिला है। इस पर तेेजी से काम किया जा रहा है।
मोर्टार बम की खासियत
कुल लेंथ: 680.10 एमएम
अधिकतम भार: 13.2 किलोग्राम
यह होता है मोर्टार
सेना के पास यह एक ऐसा हथियार होता है, जिसे कहीं भी ले जाने में आसानी होती है। खास बात यह है कि इसे ढोने के लिए एक या दो व्यक्ति ही काफी हैं। एक मायने में यह मिनी तोप की तरह होता है।
रेंज: 6490 मीटर
फायर करने की क्षमता: 5-6 राउंड प्रति मिनट