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Kanpur News: देश के साथ विदेशों में भी डंका बजा रहीं आयुध कंपनियां
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कानपुर। देश की सेनाओं और अन्य बलों के लिए उत्पाद बनाने वाली आयुध कंपनियां रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन कंपनियों के उत्पाद देश के साथ विदेशों में भी डंका बजा रहे हैं। मलयेशिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, तुर्केमेनिस्तान, केन्या, नाइजर, नेपाल और सूरीनाम से निर्यात आर्डर मिल रहे हैं।
ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड की इकाई आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) मलयेशिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, तुर्केमेनिस्तान, केन्या, नाइजर की सेनाओं के लड़ाकू विमानों और उनके पायलटों के पैराशूट बनाने लगी है। जल्द ही कंपनी पानी और जमीन में चलने वाले होवर क्राफ्ट बनाने की तैयारी में है। इसी तरह ट्रूप कंफर्ट लिमिटेड (टीसीएल) के उत्पाद नेपाल, सूरीनाम, मलयेशिया, वियतनाम में छाए हुए हैं। एडवांस वेंपस इक्विवमेंट इंडिया लिमिटेड की इकाई फील्ड गन फैक्टरी में पिछले साल की अपेक्षा 25 प्रतिशत उत्पादन बढ़ा है। इस बार 205 करोड़ का उत्पादन किया गया। पिछले साल 163 करोड़ का उत्पादन हुआ था। आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) में जल्द ही 155 कैलिबर क्षमता वाले तोप के गोलों को तैयार करने वाला प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। ट्रूप कंफर्टस लिमिटेड (टीसीएल) को इस वित्त वर्ष में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर अलग-अलग सैन्य बलों से मिले हैं। लगभग 600 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्रक्रिया में हैं।
94 फीसदी स्वदेशी तकनीक से बनने लगे उत्पाद
एक अक्तूबर 2021 को केंद्र सरकार ने प्रतिरक्षा कर्मचारियों के विरोध के बीच 41 आयुध निर्माणियों का निगमीकरण करते हुए उन्हें कंपनी बना दिया था। सात कंपनियों में इन्हें समाहित करने की घोषणा की गई थी। बुधवार को चार साल पूरे हो रहे हैं। शहर में तीन कंपनियों के मुख्यालय हैं। तीन साल के दौरान इन कंपनियों ने सबसे ज्यादा स्वदेशीकरण पर जोर दिया। अब आयुध कंपनियों में 94-95 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से उत्पाद तैयार होने लगे हैं।
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बातचीत
टीसीएल ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर हरित ऊर्जा अपनाने और विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं में वार्षिक योगदान देना भी सुनिश्चित किया है। टीसीएल का यह चार वर्षीय सफर नवाचार, गुणवत्ता और स्वदेशी समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिचायक है। कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक, नए उत्पाद और वैश्विक उपस्थिति है। - सुनील दाते, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टीसीएल।
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आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया नीति के तहत उत्पादों को विकसित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में नई ऊंचाइयों को छूते हुए 62 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन किया गया है। इंडस्ट्री में 4.0 पर भी काम चल रहा है। स्वदेशीकरण अभियान के तहत होवर क्राफ्ट को तैयार करने का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा। - एमसी बालासुब्रमणियम, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (जीआईएल)।
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ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड की इकाई आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) मलयेशिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, तुर्केमेनिस्तान, केन्या, नाइजर की सेनाओं के लड़ाकू विमानों और उनके पायलटों के पैराशूट बनाने लगी है। जल्द ही कंपनी पानी और जमीन में चलने वाले होवर क्राफ्ट बनाने की तैयारी में है। इसी तरह ट्रूप कंफर्ट लिमिटेड (टीसीएल) के उत्पाद नेपाल, सूरीनाम, मलयेशिया, वियतनाम में छाए हुए हैं। एडवांस वेंपस इक्विवमेंट इंडिया लिमिटेड की इकाई फील्ड गन फैक्टरी में पिछले साल की अपेक्षा 25 प्रतिशत उत्पादन बढ़ा है। इस बार 205 करोड़ का उत्पादन किया गया। पिछले साल 163 करोड़ का उत्पादन हुआ था। आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) में जल्द ही 155 कैलिबर क्षमता वाले तोप के गोलों को तैयार करने वाला प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। ट्रूप कंफर्टस लिमिटेड (टीसीएल) को इस वित्त वर्ष में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर अलग-अलग सैन्य बलों से मिले हैं। लगभग 600 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्रक्रिया में हैं।
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94 फीसदी स्वदेशी तकनीक से बनने लगे उत्पाद
एक अक्तूबर 2021 को केंद्र सरकार ने प्रतिरक्षा कर्मचारियों के विरोध के बीच 41 आयुध निर्माणियों का निगमीकरण करते हुए उन्हें कंपनी बना दिया था। सात कंपनियों में इन्हें समाहित करने की घोषणा की गई थी। बुधवार को चार साल पूरे हो रहे हैं। शहर में तीन कंपनियों के मुख्यालय हैं। तीन साल के दौरान इन कंपनियों ने सबसे ज्यादा स्वदेशीकरण पर जोर दिया। अब आयुध कंपनियों में 94-95 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से उत्पाद तैयार होने लगे हैं।
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टीसीएल ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर हरित ऊर्जा अपनाने और विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं में वार्षिक योगदान देना भी सुनिश्चित किया है। टीसीएल का यह चार वर्षीय सफर नवाचार, गुणवत्ता और स्वदेशी समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिचायक है। कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक, नए उत्पाद और वैश्विक उपस्थिति है। - सुनील दाते, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टीसीएल।
आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया नीति के तहत उत्पादों को विकसित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में नई ऊंचाइयों को छूते हुए 62 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन किया गया है। इंडस्ट्री में 4.0 पर भी काम चल रहा है। स्वदेशीकरण अभियान के तहत होवर क्राफ्ट को तैयार करने का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा। - एमसी बालासुब्रमणियम, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (जीआईएल)।