{"_id":"6187644ee0669e688c57ce2c","slug":"open-zika-control-room-in-kanpur-municipal-corporation-feedback-being-taken-from-patients-in-the-morning-and-evening","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कानपुर नगर निगम में खुला जीका कंट्रोल रूम: सुबह-शाम रोगियों से लिया जा रहा फीडबैक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर नगर निगम में खुला जीका कंट्रोल रूम: सुबह-शाम रोगियों से लिया जा रहा फीडबैक
Sun, 07 Nov 2021 11:13 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 07 Nov 2021 11:13 AM IST
सार
जीका कंट्रोल के जरिए रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) रोगियों की सेहत की जांच करती है और दवा उपलब्ध कराती है। जीका के ज्यादातर रोगी होम आइसोलेशन में हैं। इनके घरों में एडीज एजिप्टाई मच्छरों के ब्रीडिंग स्थल नष्ट कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
कानपुर नगर निगम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर जिला प्रशासन ने नगर निगम में जीका कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि कंट्रोल रूम को जीका रोगियों की सेहत का फीडबैक लेने की जिम्मेदारी दी गई है। सुबह-शाम रोगियों से जानकारी लेने के साथ उनके वाइटल्स की जांच भी की जा रही है।
कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी रोगियों को फोन करते हैं। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) रोगियों की सेहत की जांच करती है और दवा उपलब्ध कराती है। जीका के ज्यादातर रोगी होम आइसोलेशन में हैं। इनके घरों में एडीज एजिप्टाई मच्छरों के ब्रीडिंग स्थल नष्ट कर दिए गए हैं।
इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि रोगियों को मच्छर न काटने पाएं। दरअसल, मच्छर संक्रमित रोगी को काटने के बाद किसी दूसरे को काटेगा तो उसे भी जीका का संक्रमण हो जाएगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम में यह व्यवस्था की गई है कि अगर रोगी को कोई दिक्कत होती है तो संबंधित विशेषज्ञता के डॉक्टर से संपर्क करने की उसे सलाह दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो रोगी को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इसके लिए हैलट, उर्सला, डफरिन और कांशीराम अस्पताल में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी रोगियों को फोन करते हैं। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) रोगियों की सेहत की जांच करती है और दवा उपलब्ध कराती है। जीका के ज्यादातर रोगी होम आइसोलेशन में हैं। इनके घरों में एडीज एजिप्टाई मच्छरों के ब्रीडिंग स्थल नष्ट कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि रोगियों को मच्छर न काटने पाएं। दरअसल, मच्छर संक्रमित रोगी को काटने के बाद किसी दूसरे को काटेगा तो उसे भी जीका का संक्रमण हो जाएगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम में यह व्यवस्था की गई है कि अगर रोगी को कोई दिक्कत होती है तो संबंधित विशेषज्ञता के डॉक्टर से संपर्क करने की उसे सलाह दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो रोगी को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इसके लिए हैलट, उर्सला, डफरिन और कांशीराम अस्पताल में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
जीका के लक्षण
- सिर दर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द, आंखों का लाल होना और त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना।
क्या करें
- घर में कूलर, बाल्टी, ड्रम का पानी हफ्ते के अंदर बदल दें।
- कूलर के टैंक को सूखा रखें।
- पानी की टंकियों और बर्तनों को ढक्कन से बंद रखें।
- पूरी आस्तीन का कपड़ा और जूता-मोजा पहनें।
- बुखार आने पर अस्पताल में परीक्षण कराएं।
क्या न करें
- छत पर पड़े कबाड़ में पानी इकट्ठा न होने दें।
- घर के आसपास कूड़ा, कचरा, जलभराव न रहने दें।
- रोगी को मच्छरदानी में रखें, खिड़कियों पर जाली लगाएं।
- बुखार के रोगी की खून की जांच कराए बगैर दवा न लें।
- बुखार के रोगी खाली पेट दवा न लें।
- सिर दर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द, आंखों का लाल होना और त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना।
क्या करें
- घर में कूलर, बाल्टी, ड्रम का पानी हफ्ते के अंदर बदल दें।
- कूलर के टैंक को सूखा रखें।
- पानी की टंकियों और बर्तनों को ढक्कन से बंद रखें।
- पूरी आस्तीन का कपड़ा और जूता-मोजा पहनें।
- बुखार आने पर अस्पताल में परीक्षण कराएं।
क्या न करें
- छत पर पड़े कबाड़ में पानी इकट्ठा न होने दें।
- घर के आसपास कूड़ा, कचरा, जलभराव न रहने दें।
- रोगी को मच्छरदानी में रखें, खिड़कियों पर जाली लगाएं।
- बुखार के रोगी की खून की जांच कराए बगैर दवा न लें।
- बुखार के रोगी खाली पेट दवा न लें।