3700 करोड़ की ऑनलाइन ठगी में 37000 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल
एक फरवरी को यूपी एसटीएफ ने नोएडा के सेक्टर-63 स्थित एबलेज इंफो सोल्यूशन कंपनी में दबिश देकर मालिक अनुभव मित्तल, सीईओ श्रीधर और तकनीकी प्रमुख महेश दयाल को गिरफ्तार किया था। इन पर कंपनी के पोर्टल सोशल ट्रेड डॉट विज पर लोगों से सदस्यता शुल्क लेकर जोड़ने और फिर उनसे ऑन लाइन फर्जी विज्ञापन लिंक करके उसे लाइक कराने का आरोप है। कंपनी ने करीब सात लाख लोगों को जोड़ा था। इसमें 9 लाख लोगों की आईडी लगाई गई थी। प्रत्येक सदस्य को 57,500 रुपये लेकर उसे जोड़ा जाता था और उसे एक लाइक करने करने पर 5 रुपये मिलते थे। इस मामले में एसटीएफ ने राजनगर गाजियाबाद स्थित एस बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर अतुल मिश्रा और अनुभव के पिता सुनील मित्तल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस फर्जीवाड़े में एसटीएफ अब तक 652 करोड़ रुपये जब्त कर चुकी है। एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि आरोपियों का लक्ष्य कंपनी को दिवालिया घोषित कराना था। ताकि वब कानूनी तरीके से धोखाधड़ी कर सके। कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल, पिता सुनील मित्तल, पत्नी आयुषी मित्तल, कंपनी के सीईओ श्रीधर, कंपनी के तकनीकी प्रमुख महेश दयाल और यश बैंक के मैनेजर अतुल मिश्रा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। फरार आयुषी अग्रवाल की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
ऐसे व्यापार को भारत का कानून इजाजत नहीं देता
एबलेज कंपनी ने जिस तरह से लोगों के रुपये को लगवाए थे, उस प्रक्रिया को देश के काननू में मान्यता नहीं दी गई है। हालांकि इसे बिजनेस मॉडल भी कहा गया है। इसमें मनी सर्कुलेशन के जरिए लोगों के रुपये को धोखे से लगवाकर उन्हीं तक घुमाया गया था। कंपनी को बिना कोई काम किए लोगों के रुपये उन्हीं को किस्तों में वापस कर विश्वास जीतना था। इसके बाद में अपने खुद को दिवालिया घोषित करना था।
कंपनी पर 1700 करोड़ की देनदारी
एसटीएफ के अफसरों की मानें तो कंपनी पर 1700 करोड़ रुपये की देनदारी सामने आई है। हालांकि घोटाला 3726 करोड़ से अधिक रुपये का है। जिन रुपयों का गैर कानूनी तरीके से लेन-देन हुआ था वह 3726 से अधिक था। मगर 1700 करोड़ रुपये वह रकम है, जो लोगों से ली गई लेकिन वापस नहीं दी गई।