Exclusive: सेफ सिटी के तहत लगेंगे एक हजार और हाईटेक कैमरे, अपराधी को पहचानते ही देंगे अलर्ट
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए केएससीएल ने आईआईटी से अनुबंध किया है। वहीं, सेफ सिटी के तहत एक हजार और हाईटेक कैमरे लगेंगे। यह कैमरे अपराधी को पहचानेंगे, तो कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा। बता दें कि विभिन्न विभागों, बैंकों, बाजारों के कैमरे स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम से जोड़े जाएंगे।
विस्तार
कानपुर में मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को एलान किया था कि सेफ सिटी योजना में शामिल कानपुर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। इसके मद्देनजर शनिवार से कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) ने तैयारी शुरू कर दी। सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर में एक हजार और कैमरे लगेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम और फेस रिकगनेशन कैमरों की मदद से अपराधियों की पहचान हो सकेगी। बैंकों, विभागों, बाजारों आदि में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम के लिए केएससीएल ने आईआईटी के साथ अनुबंध किया है।
ऐसे काम करेगा आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम
पुुलिस जिस अपराधी का फोटो सहित ब्योरा आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कॉमन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) में फीड कराएगी। यह सिस्टम चौराहों पर लगे कैमरों के माध्यम से उन अपराधियों पर नजर रखना शुरू कर देगा। ऐसे अपराधी जैसे ही कंट्रोल रूम से जुड़े चौराहे पर पहुंचेगा।
वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में उसकी फोटो कैद होते ही आईसीसीसी में अलर्ट आएगा। कंट्रोल रूम का संचालन कर रहे पुलिसकर्मियों के माध्यम से तत्काल संबंधित चौराहे और उसके आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को सूचना भेजी जाएगी, जो मौके पर कार्रवाई करेंगे।
चौराहों पर लगे कैमरों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके लिए जल्द ट्रायल शुरू होगा। यह व्यवस्था लागू होने के बाद अन्य सीसीटीवी कैमरों को भी आईसीसीसी से जोड़ते हुए इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम के लिए स्थानीय आईआईटी से अनुबंध हुआ है। -शिवशरणप्पा जीएन, सीईओ, केएससीएल
चोरी का वाहनों का पता चलेगा, ट्रायल शुरू
चोरी हुआ वाहन आईसीसीसी से जुड़े चौराहे पर पहुंचते ही पुलिस को जानकारी मिल जाएगी। यह व्यवस्था लागू करने के लिए केएससीएल और आईआईटी ने ट्रायल शुरू कर दिया है। जल्द ही यह व्यवस्था लागू होने की संभावना है।
ऐसे मिलेगी जानकारी
केएससीएल के अधिकारियों के अनुसार चोरी कर ले जाए जा रहे वाहन या चोरी हुए वाहन का नंबर आईसीसीसी में फीड किया जाएगा। उक्त वाहन जैसे ही इस कंट्रोल रूम से जुड़े किसी चौराहे पर पहुंचेगा। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से आईसीसीसी में अलर्ट आ जाएगा। तत्काल क्षेत्रीय पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की जाएगी।