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Kanpur News: एक अधिकारी निलंबित, बचे हुए लखनऊ संबद्ध, विभाग पर ताला
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कानपुर। कार्रवाई की आंधी में मत्स्य विभाग के उपनिदेशक और जिला कार्यालय में लॉकडाउन जैसे हालात हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से कार्यालय पर ताला लटका है। अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित तैनाती न होने से योजनाओं के लाभार्थियों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। विभागीय अव्यवस्था से सबसे ज्यादा परेशानी सरकारी योजनाओं के तहत अनुदान लेने वालों को हो रही है। वहीं, लाभार्थियों के भुगतान को लेकर सोमवार को होने वाली बैठक दूसरी बार स्थगित हो गई।
सरसौल की लाभार्थी सविता निषाद के अनुदान प्रकरण में लापरवाही और अनियमितता सामने आने के बाद मत्स्य निरीक्षक सुनील सिंह को निलंबित कर दिया गया था। उपनिदेशक सुनीता वर्मा समेत 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को लखनऊ निदेशालय से संबद्ध किया गया है। अचानक दोनों कार्यालय की पूरी टीम हटने के बाद विभाग लगभग खाली हो गए हैं। दूसरे जिलों के दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार तो दिया गया, लेकिन स्थानीय स्तर कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि कार्यालय पर एक सप्ताह से ताला लटका है। लाभार्थी रोजाना मायूस होकर लौट जाते हैं।
जिलाधिकारी ने बीते शुक्रवार को भुगतान संबंधी बैठक बुलाई थी। यहां अधिकारियों को सही जानकारी न होने के कारण बैठक निरस्त कर दी गई थी। सोमवार को फिर से बैठक में आने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह भी निरस्त हो गई। ऐसे में लाभार्थी की प्रथम किस्त का भुगतान अब तक तय नहीं हो सका है।
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बैठक किसी कारण से नहीं हो सकी है। अभी कार्यालय में किसी कर्मचारी की तैनाती भी नहीं हुई है। जल्द ही कार्यालय की व्यवस्थाएं दुरूस्त होंगी।
- सृष्टि यादव, उपनिदेशक मत्स्य
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सरसौल की लाभार्थी सविता निषाद के अनुदान प्रकरण में लापरवाही और अनियमितता सामने आने के बाद मत्स्य निरीक्षक सुनील सिंह को निलंबित कर दिया गया था। उपनिदेशक सुनीता वर्मा समेत 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को लखनऊ निदेशालय से संबद्ध किया गया है। अचानक दोनों कार्यालय की पूरी टीम हटने के बाद विभाग लगभग खाली हो गए हैं। दूसरे जिलों के दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार तो दिया गया, लेकिन स्थानीय स्तर कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि कार्यालय पर एक सप्ताह से ताला लटका है। लाभार्थी रोजाना मायूस होकर लौट जाते हैं।
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जिलाधिकारी ने बीते शुक्रवार को भुगतान संबंधी बैठक बुलाई थी। यहां अधिकारियों को सही जानकारी न होने के कारण बैठक निरस्त कर दी गई थी। सोमवार को फिर से बैठक में आने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह भी निरस्त हो गई। ऐसे में लाभार्थी की प्रथम किस्त का भुगतान अब तक तय नहीं हो सका है।
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बैठक किसी कारण से नहीं हो सकी है। अभी कार्यालय में किसी कर्मचारी की तैनाती भी नहीं हुई है। जल्द ही कार्यालय की व्यवस्थाएं दुरूस्त होंगी।
- सृष्टि यादव, उपनिदेशक मत्स्य