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41 हजार में गाेद ले सकते हैं बाघ, पढ़िए पूरी खबर
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:11 PM IST
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कानपुर जू में बाघ
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कानपुर प्राणि उद्यान में पल रहे वन्य जीवों और पक्षियों को गोद लेने पर इनकम टैक्स में छूट मिलेगी। इसके तहत सालाना या एक तय समयावधि तक खर्च देना पड़ेगा। इसके एवज में जू प्रशासन एक रसीद देगा। इस पर उसे टैक्स में छूट का लाभ मिलेगी। वहीं, जीवों को गोद लेने वाले एनजीओ के खास मद में भी इस खर्च को दर्शाया जा सकता है। जू प्रशासन ने गोद लेने में आने वाले खर्च की सूची जारी की है।
यह है गोद लेने का खर्च
बाघ का सालाना खर्च पांच लाख और मासिक खर्च 41, 667 रुपये है। तेंदुए पर मासिक खर्च 16667 रुपये, हिप्पो और गैंडे पर 13,333 रुपये, सांभर, संघाई पर 2917 रुपये, चीतल, हॉग डियर, बंदर, ईमू, मकाऊ पर 1667 रुपये, घड़ियाल पर 1250 रुपये, जैकाल, हिमालयन ब्लैक बीयर पर मासिक खर्च 4167 रुपये है। वहीं, फीजेंट पर सालाना खर्च दस हजार और सारस का 12 हजार रुपये है। उल्लू का पांच हजार और कोकाटाइल का सलाना खर्च 3 हजार रुपये है।
‘पशु पक्षियों को गोद लेने के लिए वन्य जीव प्रेमियों की संख्या बढ़ी है। इससे इनकम टैक्स में छूट मिलती है और एनजीओ के सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) फंड से इस मद में खर्च हो सकता है।’
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- दीपक कुमार, जू निदेशक
यह है गोद लेने का खर्च
बाघ का सालाना खर्च पांच लाख और मासिक खर्च 41, 667 रुपये है। तेंदुए पर मासिक खर्च 16667 रुपये, हिप्पो और गैंडे पर 13,333 रुपये, सांभर, संघाई पर 2917 रुपये, चीतल, हॉग डियर, बंदर, ईमू, मकाऊ पर 1667 रुपये, घड़ियाल पर 1250 रुपये, जैकाल, हिमालयन ब्लैक बीयर पर मासिक खर्च 4167 रुपये है। वहीं, फीजेंट पर सालाना खर्च दस हजार और सारस का 12 हजार रुपये है। उल्लू का पांच हजार और कोकाटाइल का सलाना खर्च 3 हजार रुपये है।
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‘पशु पक्षियों को गोद लेने के लिए वन्य जीव प्रेमियों की संख्या बढ़ी है। इससे इनकम टैक्स में छूट मिलती है और एनजीओ के सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) फंड से इस मद में खर्च हो सकता है।’
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- दीपक कुमार, जू निदेशक