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UP: अब 15 मिनट में एक बीघा खेत में करें कीटनाशक का छिड़काव, HBTU के छात्रों ने तैयार किया पेस्टीसाइड स्प्रेयर

Sun, 01 Jun 2025 04:41 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 01 Jun 2025 04:41 PM IST
सार

Kanpur News: पेस्टीसाइड स्प्रेयर को तैयार करने में 20 हजार रुपये से ज्यादा लगे हैं। इसका वजन हल्का होने के साथ एक समय पर कई नोजल से दवा का छिड़काव होता है। दो पहियों की साइकिल के ऊपर दवा का टैंक लगाया गया है। नोजल स्प्रेयर की दो पट्टियां लगाई गईं हैं, जिनमें एक साथ 12 नोजल लगाए जा सकते हैं।

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Now spray pesticides in one bigha of land in 15 minutes HBTU students have prepared pesticide sprayer
hbtu - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में  हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के छात्रों ने फसलों में कीटनाशक छिड़कने का काम आसान कर दिया है। छात्रों ने सोलर एनर्जी से चलने वाला एक ऐसा पेस्टीसाइड स्प्रेयर तैयार किया है जिससे आसानी और जल्दी से दवा का छिड़काव हो सकता है। इससे एक बीघा खेत में 15 मिनट में दवा का छिड़काव हो जाएगा, इस काम में पहले एक घंटा लगता था।

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खेती-किसानी की पृष्ठभूमि से आने वाले एचबीटीयू के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के तीन विद्यार्थियों शुभांशु कटियार, सिद्धार्थ सिंह और आशीष कश्यप ने बताया कि उन्होंने किसानों की समस्याओं को नजदीक से देखा है। इसके बाद इस पेस्टीसाइड स्प्रेयर को तैयार करने का विचार आया। साइकिल जैसे ढांचे पर मौजूद स्प्रेयर को आसानी से खेतों में पहुंचाया जा सकता है। इस स्प्रेयर के साथ कई नोजल लगाए गए हैं जिन्हें क्यारी के अनुसार व्यवस्थित किया जा सकता है।

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सौर ऊर्जा से होता है संचालित
छात्रों ने बताया कि दवा के छिड़काव के दौरान किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। किसान दवा से भरे भारी स्प्रिंकल सेट को पीठ पर लादे रहते हैं। कई कीटनाशक ऐसे हैं जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। किसानों को मुंह ढंक कर इनका छिड़काव करना होता है इसके बावजूद कई बार प्रतिकूल प्रभाव देखा गया है। तीनों छात्रों ने विभाग के प्रो. जीएल देवनानी के नेतृत्व में इसे तैयार किया है। यह पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होता है । स्प्रे नोजल से दूर रहकर इसे हाथों से नियंत्रित किया जाता है।

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तैयार करने में 20 हजार रुपये से ज्यादा लगे हैं
इसका वजन हल्का होने के साथ एक समय पर कई नोजल से दवा का छिड़काव होता है। दो पहियों की साइकिल के ऊपर दवा का टैंक लगाया गया है। नोजल स्प्रेयर की दो पट्टियां लगाई गईं हैं, जिनमें एक साथ 12 नोजल लगाए जा सकते हैं। मशीन को ऊर्जा देने के लिए बैटरी लगाई गई है जो स्प्रेयर के ऊपरी हिस्से में लगे सोलर पैनल से चार्ज होती रहती है। प्रो. देवनानी ने कहा कि इस उपकरण का प्रमुख उपयोग चना, सब्जियों और छोटे पौधों पर प्रभावी रूप से किया जा सकता है। अभी इसे तैयार करने में 20 हजार रुपये से ज्यादा लगे हैं।

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