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अब झकरकटी समानांतर पुल पर लोचा
मनीष निगम, कानपुर
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:23 AM IST
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सीओडी पुल के बाद अब झकरकटी समानांतर पुल के निर्माण से पहले ही लोचा हो गया है। रोडवेज के आरएम ने पुल के डिजाइन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नए पुल से बस अड्डे का मुख्य द्वार नहीं बचेगा।
बसों के आने-जाने में दिक्कत होगी। उन्होंने मंडलायुक्त को पत्र लिखा है। वहीं पीडब्लूडी ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए नक्शे में कोई भी संशोधन से इनकार कर दिया। उधर, दिल्ली में शुक्रवार को झकरकटी समानांतर पुल को स्वीकृति मिल सकती है।
झकरकटी पर प्रस्तावित समानांतर पुल के लिए आठ महीने पहले रेलवे ने कुछ मीटर पुल बना लिया है। यह पुल वर्ष 2017 में बनकर तैयार होना है। यूपी राज्य परिवहन निगम के अफसरों ने निर्माण संस्था से पुल के डिजाइन पर आपत्ति जताई थी।
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दोबारा आपत्ति जताने के बाद एनएचपीडब्लूडी ने कानपुर परिक्षेत्र के रीजनल मैनेजर को फ्लाईओवर का नक्शा भेजा। नक्शा देखने के बाद आरएम ने आपत्ति जताई कि फ्लाईओवर का निर्माण परिवहन विभाग की अनुमति के बिना हो रहा है। पुल के लिए रोडवेज नि:शुल्क जमीन नहीं देगा।
ये है आपत्ति
आरएम के अनुसार सभी बसें रावतपुर होकर झकरकटी आती हैं। नया प्लाईओवर बनने के बाद ये बसें पुल से नीचे से सीधे बस अड्डे तक नहीं जा सकेंगी। वजह है समानांतर पुल लंबा है, जहां पुराना पुल गिरता है, उससे 6.5 मीटर आगे नया पुल गिरेगा। इससे ढलान की कारण ऊंचाई रहेगी।
रावतपुर की ओर से आने वाली बसों को टाटमिल से घूमकर आना होगा। इससे वहां जाम की स्थिति उत्पन्न होगी। साथ ही पुल से बस अड्डे का गेट ढक जाएगा। नया बन रहा पुल और पुराने पुल में ऊंचाई का अंतर है, इससे हादसोंे का खतरा है।
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बसों के आने-जाने में दिक्कत होगी। उन्होंने मंडलायुक्त को पत्र लिखा है। वहीं पीडब्लूडी ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए नक्शे में कोई भी संशोधन से इनकार कर दिया। उधर, दिल्ली में शुक्रवार को झकरकटी समानांतर पुल को स्वीकृति मिल सकती है।
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झकरकटी पर प्रस्तावित समानांतर पुल के लिए आठ महीने पहले रेलवे ने कुछ मीटर पुल बना लिया है। यह पुल वर्ष 2017 में बनकर तैयार होना है। यूपी राज्य परिवहन निगम के अफसरों ने निर्माण संस्था से पुल के डिजाइन पर आपत्ति जताई थी।
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दोबारा आपत्ति जताने के बाद एनएचपीडब्लूडी ने कानपुर परिक्षेत्र के रीजनल मैनेजर को फ्लाईओवर का नक्शा भेजा। नक्शा देखने के बाद आरएम ने आपत्ति जताई कि फ्लाईओवर का निर्माण परिवहन विभाग की अनुमति के बिना हो रहा है। पुल के लिए रोडवेज नि:शुल्क जमीन नहीं देगा।
ये है आपत्ति
आरएम के अनुसार सभी बसें रावतपुर होकर झकरकटी आती हैं। नया प्लाईओवर बनने के बाद ये बसें पुल से नीचे से सीधे बस अड्डे तक नहीं जा सकेंगी। वजह है समानांतर पुल लंबा है, जहां पुराना पुल गिरता है, उससे 6.5 मीटर आगे नया पुल गिरेगा। इससे ढलान की कारण ऊंचाई रहेगी।
रावतपुर की ओर से आने वाली बसों को टाटमिल से घूमकर आना होगा। इससे वहां जाम की स्थिति उत्पन्न होगी। साथ ही पुल से बस अड्डे का गेट ढक जाएगा। नया बन रहा पुल और पुराने पुल में ऊंचाई का अंतर है, इससे हादसोंे का खतरा है।