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UP: ट्रेन पलटाने की साजिश होंगी नाकाम... इस हाईटेक तकनीक से सुरक्षा करेगा रेलवे; दूर से दिख जाएगा 'खतरा'
Mon, 30 Sep 2024 09:01 AM IST
शाहरुख खान
अभिषेक द्विवेदी, अमर उजाला, कन्नौज
अभिषेक द्विवेदी, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 30 Sep 2024 09:01 AM IST
सार
UP News: ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम करने के लिए ट्रैक की निगरानी कैमरे से होगी। रेलवे इस हाईटेक तकनीकि से ट्रेनों की सुरक्षा करेगा। ट्रैक की सुरक्षा की मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने निर्णय लिया है। मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रेलवे ट्रैक पर वजनीली वस्तुओं और सिलिंडर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिशों को देखते हुए अब रेलवे हाईटेक तकनीक से ट्रेनों की सुरक्षा करेगा। ट्रेनों के लोकोमोटिव (इंजन) में आगे और गार्ड केबिन के पीछे स्पीड विजन कैमरे लगाए जाएंगे।
इससे दूर से ही लोकोमोटिव पायलट ट्रैक पर पड़ी वस्तु को देख सकेंगे और वह रिकॉर्ड भी हो जाएगी, जिससे जांच एजेंसियों को अपराधियों को पकड़ने में मदद भी मिलेगी।
कानपुर मंडल समेत देश के विभिन्न हिस्सों में रेलवे ट्रैक पर भारी वस्तुओं को रखकर ट्रेन पलटाने की कई साजिशें हो चुकीं हैं। इन सबको देखते हुए रेलवे के आला अधिकारियों ने ट्रेनों के लोकोमोटिव (इंजन) में आगे और गार्ड केबिन के पीछे स्पीड विजन कैमरे लगाने का निर्णय लिया है।
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कानपुर क्षेत्र में हुईं घटनाओं को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल बरेली के अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा। इसके बाद बोर्ड ने यह मसौदा रेलवे मंत्रालय को भेज दिया है।
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इससे दूर से ही लोकोमोटिव पायलट ट्रैक पर पड़ी वस्तु को देख सकेंगे और वह रिकॉर्ड भी हो जाएगी, जिससे जांच एजेंसियों को अपराधियों को पकड़ने में मदद भी मिलेगी।
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कानपुर मंडल समेत देश के विभिन्न हिस्सों में रेलवे ट्रैक पर भारी वस्तुओं को रखकर ट्रेन पलटाने की कई साजिशें हो चुकीं हैं। इन सबको देखते हुए रेलवे के आला अधिकारियों ने ट्रेनों के लोकोमोटिव (इंजन) में आगे और गार्ड केबिन के पीछे स्पीड विजन कैमरे लगाने का निर्णय लिया है।
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कानपुर क्षेत्र में हुईं घटनाओं को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल बरेली के अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा। इसके बाद बोर्ड ने यह मसौदा रेलवे मंत्रालय को भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि मंत्रालय से मंजूरी के बाद इस दिशा में क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। इस हाईटेक सुरक्षा प्रणाली के लिए रेलवे किसी विशेष सुरक्षा एजेंसी की मदद भी लेगा।
ओएचई पोल पर भी लगाए जाएंगे कैमरे
आरपीएफ थाना प्रभारी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि कानपुर से फर्रुखाबाद तक प्रतिदिन रात में सड़क मार्ग से रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में ओएचई पोल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और प्रत्येक 10 किलोमीटर के बाद एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इस कार्य में लाखों रुपये खर्च होंगे, जिसके लिए एस्टीमेट बनाकर रेलवे के उच्च अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है।
आरपीएफ थाना प्रभारी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि कानपुर से फर्रुखाबाद तक प्रतिदिन रात में सड़क मार्ग से रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में ओएचई पोल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और प्रत्येक 10 किलोमीटर के बाद एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इस कार्य में लाखों रुपये खर्च होंगे, जिसके लिए एस्टीमेट बनाकर रेलवे के उच्च अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है।
ट्रैक के किनारे बसे गांवों में बनाए जा रहे रेल मित्र
रेलवे ने ट्रैक के किनारे बसे गांवों में कुछ सभ्रांत लोगों की सूची तैयार की है। आरपीएफ के माध्यम से गांव के कुछ जागरूक युवाओं और युवतियों को रेल मित्र बनाया जा रहा है। उनके नंबर को व्हाट्सएप ग्रुपों में भी जोड़ा जा रहा है। यदि रेल मित्र सुरक्षा से जुड़ी कोई सूचना देंगे तो डिवीजन स्तर पर उन्हें नगद धनराशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। थाना प्रभारी ने बताया कि अब तक 400 से अधिक रेल मित्र बनाए जा चुके हैं।
रेलवे ने ट्रैक के किनारे बसे गांवों में कुछ सभ्रांत लोगों की सूची तैयार की है। आरपीएफ के माध्यम से गांव के कुछ जागरूक युवाओं और युवतियों को रेल मित्र बनाया जा रहा है। उनके नंबर को व्हाट्सएप ग्रुपों में भी जोड़ा जा रहा है। यदि रेल मित्र सुरक्षा से जुड़ी कोई सूचना देंगे तो डिवीजन स्तर पर उन्हें नगद धनराशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। थाना प्रभारी ने बताया कि अब तक 400 से अधिक रेल मित्र बनाए जा चुके हैं।
रेलवे ट्रैकों पर शरारत या षड़यंत्र के तहत वजनदार वस्तुओं तथा विस्फोटक रखने की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं। इनको देखते हुए ट्रेनों के लोकोमोटिव (इंजन) और गार्ड केबिन में स्पीड विजन कैमरे लगाए जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने इसका प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेज दिया है।-पवन श्रीवास्तव, मंडल रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर रेलवे)