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अब बिल्डर प्रोजेक्ट में भी लागू होगा ग्रेडिंग सिस्टम

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 08:34 PM IST
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Now grading system will be applied in builder project
माई सिटी रिपोर्टर आदर्श त्रिपाठी कानपुर। नियमों के मुताबिक और समय पर बिल्डर प्रोजेक्ट पूरे करने वाले बिल्डरों को इसका फायदा मिलेगा। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने प्रदेश में बनने वाले आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट के लिए ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर दिया है। डेवलपर कंपनी की वित्तीय स्थिति, संगठन के ढांचे, प्रोजेक्ट पूरे करने की पिछली स्थिति, पूर्व में बनाएं प्रोजेक्ट के लिए कंपलीशन सर्टिफिकेट, कब्जा देने, यूपी रेरा के प्रावधानों का पालन और सबसे अहम बात ग्राहकों का फीडबैक बेहतर ग्रेड के लिए जरूरी होगा। प्रदेश में आए दिन नए-नए बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं होती रहती हैं। इनमें फ्लैट या अन्य प्रकार की संपत्ति खरीदने वालों को यह पता नहीं होता है कि बिल्डर की विश्वसनीयता कितनी है। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं हो पाती कि बिल्डर के ओर से किए गए दावे वादे कितने सही हैं। हवाई वादों अदाओं के आधार पर शुरू किए गए बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले ग्राहक कब्जा मिलने के इंतजार में वर्षों तक भटकते रहते हैं। इस स्थिति को रोकने के लिए यूपी रेरा ने डेवलपर्स को ग्रेडिंग देने का निर्णय लिया है। ग्रेड के लिहाज से प्रोजेक्ट के भावी खरीदार निवेश करने से पहले बिल्डर की विश्वसनीयता की जानकारी मिल सकेगी। यह है ग्रेडिंग प्रक्रिया प्रोजेक्ट बिल्डर को प्रोजेक्ट का यूपी रेरा की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद यूपी रेरा की ओर से एक रजिस्ट्रेशन नंबर बिल्डर को दिया जाएगा। ग्रेडिंग के लिए बिल्डर को कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। पोर्टल पर ही इन दस्तावेज के प्रमाणन की सुविधा होगी। इसके बाद ग्रेडिंग के असाइनमेंट्स बिल्डर को सौपे जाएंगे। बिल्डर की कार्य क्षमता के मुताबिक दिए गए ग्रेड को यूपी रेरा की ओर से जनता की जानकारी के लिए प्रचारित प्रसारित किया जाएगा। समय-समय पर इस ग्रेडिंग का रिन्यूअल कराया जा सकेगा। वैश्विक कंपनी क्रिसिल के जरिए कंपनियों की ग्रेडिंग कराई जाएगी। ऐसे तय होगा कंपनियों का ग्रेड प्रोजेक्टको पूरा करने की वित्तीय क्षमता, कार्यकुशलता और समय पर पजेशन देने की रिपोर्ट के आधार पर कंपनियों को शानदार, मजबूत, औस त, औसत से कम और निम्न श्रेणी के ग्रेड दिए जाएंगे। इनके आधार पर लोग सही प्रोजेक्ट का चयन कर सकेंगे। ट्रांस गंगा सिटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट दीपक द्विवेदी ने कहा कि यूपी रेरा का यह फैसला संपत्तियों के भावी खरीदारों के हितों की रक्षा करेगा। खरीदार यह जान सकेंगे कि जिस बिल्डर प्रोजेक्ट में वह संपत्ति खरीद रहे हैं वह कितना विश्वसनीय है। यदि यह ग्रेडिंग पूर्व में लागू होती तो आज यूपीसी डा की ट्रांस गंगा सिटी के सैकड़ों आवंटी परेशान ना होते, जो पिछले ढाई वर्षों से कब्जा पाने के लिए भटक रहे हैं।
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