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Kanpur News: 87819 मतदाताओं को थमाया नोटिस, सिर्फ 13440 की हो सकी सुनवाई

Sat, 31 Jan 2026 01:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 31 Jan 2026 01:37 AM IST
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Notices were served to 87,819 voters, but only 13,440 could be heard.
कानपुर देहात। एसआईआर में मैपिंग से छूटे 87819 मतदाताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं। इनमें से बीते एक सप्ताह में 13440 मतदाताओं की सुनवाई हो सकी है। जबकि जिला निर्वाचन अधिकारी ने 93 मतदाताओं की मैपिंग का अनुमोदन किया है। अभी 36428 मतदाताओं को नोटिस देना शेष है। सुनवाई 27 फरवरी तक की जानी है।
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चार विधानसभा क्षेत्रों में कुल 124065 मतदाताओं की 2003 की सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है। 6 जनवरी को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद मैपिंग से छूटे मतदाताओं को 20 जनवरी से नोटिस निर्गत करना शुरू हुआ। 22 जनवरी से नोटिसों पर सुनवाई शुरू हुई। कुल 116 एईआरओ और 4 ईआरओ हर दिन सुनवाई कर रहे हैं। हालांकि नोटिस की तामीला और सुनवाई की गति सुस्त है।
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इधर मांगे जा रहे दस्तावेज लोग उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इसकी वजह से समय अधिक लग रहा है। कई बार दूसरी सुनवाई की तारीख पर लोग मांगे जा रहे दस्तावेज उपलब्ध करा पा रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि मैपिंग से छूटे सभी मतदाताओं की नोटिस निर्गत हो चुकी हैं। एईआरओ के हस्ताक्षर और सुनवाई तिथि व स्थान तय कर बीएलओ के जरिये नोटिस मतदाताओं को वितरित की जा रही हैं।
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अब तक 87819 मतदाताओं को नोटिस दी जा चुकी है। इसमें अभी 36428 नोटिसें मतदाताओं को प्राप्त कराई जानी हैं। वहीं 13440 मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। जिला निर्वाचन अधिकारी की लॉगइन पर एईआरओ या ईआरओ की ओर से सुनवाई में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज आदि का ब्योरा अपलोड किया गया है। इसमें से 93 मतदाताओं की मैपिंग का अनुमोदन किया गया है। शेष अन्य का अनुमोदन भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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खोजने के बाद भी नहीं मिल रहे माता-पिता के दस्तावेज
कानपुर देहात। नोटिस मिलने पर विवाहित महिला मतदाता परेशान हैं। कई का मायके से संपर्क नहीं है तो कोई पढ़ा लिखा नहीं हैं। ऐसे में एसआईआर की नोटिस की सुनवाई पर अधूरे दस्तावेज लेकर पहुंच रही हैं। वहां ईआरओ माता-पिता के दस्तावेज मांग रहे हैं। इस पर अधिकांश महिलाएं बैरंग लौट रहीं हैं। चुनाव आयोग ने 13 दस्तावेज तय किए हैं। इसमें 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म हैं तो खुद का कोई एक दस्तावेज चाहिए ताकि जन्म तिथि व जन्म स्थान का पता चल सके। यदि 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म है तो स्वयं की जन्मतिथि और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख के साथ माता या पिता में किसी एक का दस्तावेज देना है जिसमें माता या पिता की जन्मतिथि या जन्मस्थान प्रमाणित हो। यदि 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म है तो खुद के जन्मस्थान, जन्मतिथि, पिता व माता दोनों के जन्मस्थान व जन्मतिथि को प्रमाण पत्र देना होगा। (संवाद)
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फोटो-11 रामप्यारी।

फोटो-12 सीमा।

फोटो-13 शालिनी देवी।
पांचवीं तक पढ़ीं हूं, नहीं हैं मांगे जा रहे दस्तावेज
माता या पिता के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। पांचवीं तक ही पढ़ाई की है। आधार कार्ड व खुद का मतदाता पहचान पत्र है। अब अब सुनवाई में माता-पिता के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। इसकी वजह से बैरंग लौटना पड़ रहा है। - शालिनी देवी, जलालपुर नागिन अकबरपुर
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परिवार रजिस्टर की कॉपी न होने से लौटना पड़ा
बैंक पासबुक, आधार कार्ड उपलब्ध है। सुनवाई में परिवार रजिस्टर की कॉपी और अन्य अभिलेख मांगे जा रहे हैं। 2003 की मतदाता सूची में पिता का नाम भी नहीं है। सुनवाई में हल नहीं निकला बैरंग लौटना पड़ा। - रामप्यारी, कुरवाखुर्द अकबरपुर

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केवल आठवीं तक पढ़ी हूं, जन्म प्रमाण पत्र नहीं है
नोटिस की सुनवाई में एईआरओ ने परिवार रजिस्टर की नकल मांगी है। खुद का आधार कार्ड व बैंक पास बुक है। 2003 की मतदाता सूची में पिता व मां का नाम है, लेकिन अब मां या पिता की पुष्टि के लिए अंकपत्र मांगा जा रहा है। केवल आठवीं तक पढ़ी हूं। - सीमा, जलालपुर नागिन
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