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किडनी कांड में जांच ने पकड़ी रफ्तार, पीएसआरआई और फोर्टिस के कोऑर्डिनेटरों को नोटिस
Sun, 09 Jun 2019 08:19 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 09 Jun 2019 08:19 PM IST
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पीएसआरआई अस्पताल के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला गिरफ्तार (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर किडनी कांड में दिल्ली के पीएसआरआई (पुष्पावती सिंघानिया रिसर्च इंस्टीट्यूट) हॉस्पिटल के सीईओ (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) डॉ. दीपक शुक्ला को जेल भेजने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी है। मामले में पीएसआरआई और फोर्टिस हॉस्पिटल के कोऑर्डिनेटरों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज करवाने को कहा है।
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एसपी क्राइम राजेश यादव ने बताया कि पीएसआरआई की कोऑर्डिनेटर सुनीता प्रभाकरन और मिथुन हाईकोर्ट से स्टे ले चुके हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए उनसे पूछताछ करनी जरूरी है। सुनीता और मिथुन के साथ ही फोर्टिस हॉस्पिटल की कोऑर्डिनेटर सोनिका को भी नोटिस भेजा गया है।
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किडनी कांड के खुलासे के बाद पुलिस कोऑर्डिनेटरों पर कार्रवाई करने में हीलाहवाली कर रही थी, जिसके बाद जांच एसआईटी को सौंपी गई। एसआईटी भी केवल डोनर प्रोवाइडरों को ही जेल भेज सकी। ऐसे में दोनों हॉस्पिटल के कोऑर्डिनेटर बेफिक्र रहे। इस बीच उनको बचने का पूरा मौका मिला, लेकिन पुलिस अब ढील देने को तैयार नहीं है। इसलिए तीनों कोऑर्डिनेटरों को बयान दर्ज करवाने के लिए तीन दिन का समय दिया है। तय समय में उनको नोटिस का जवाब देना होगा।
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एसएसपी अनंत देव का कहना है कि, किडनी कांड की जांच में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी आरोपियों की तलाश कर जल्द ही उनको भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। जैसे-जैसे तथ्य सामने आ रहे हैं, उस आधार पर कार्रवाई की जा रही है।