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कोरोना के डर से नहीं किया इलाज, मर गया युवक, तेज खांसी व सीने में दर्द पर हैलट में कराया था भर्ती
Tue, 07 Apr 2020 01:38 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 07 Apr 2020 01:38 AM IST
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हैलेट अस्पताल
- फोटो : गूगल
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कोरोना के डर से आम मरीजों के इलाज में लापरवाही हो रही है। स्टाफ इन्हें छूने से भी डर रहा है। इसी के चलते इंदिरा नगर निवासी आनंद की जान चली गई। इस युवक को ढंग से इलाज नहीं मिल पाया। हालत बिगड़ने पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया लेकिन जान नहीं बच सकी।
युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रविवार को इंदिरा नगर के डॉ. राकेश पांडेय अपने पुत्र आनंद को लेकर हैलट आए थे। आनंद को तेज खांसी व सीने में दर्द था। फ्लू ओपीडी में दिखाने के बाद एक्सरे के लिए भेजा गया। यहां कर्मचारी दूर भाग खड़े हुए।
हो-हल्ला मचने पर कर्मचारियों ने स्ट्रेचर लाकर दे दिया। पिता खुद बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी गए। फिर उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
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पिता का आरोप है कि कर्मचारी मरीज को छूने से कतराते रहे। वक्त से इलाज मिल जाता तो बेटा बच सकता था। परिवार में पत्नी और तीन माह की बच्ची है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने कहा कि इलाज में देर करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रविवार को इंदिरा नगर के डॉ. राकेश पांडेय अपने पुत्र आनंद को लेकर हैलट आए थे। आनंद को तेज खांसी व सीने में दर्द था। फ्लू ओपीडी में दिखाने के बाद एक्सरे के लिए भेजा गया। यहां कर्मचारी दूर भाग खड़े हुए।
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हो-हल्ला मचने पर कर्मचारियों ने स्ट्रेचर लाकर दे दिया। पिता खुद बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी गए। फिर उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
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पिता का आरोप है कि कर्मचारी मरीज को छूने से कतराते रहे। वक्त से इलाज मिल जाता तो बेटा बच सकता था। परिवार में पत्नी और तीन माह की बच्ची है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने कहा कि इलाज में देर करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।