फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   not easy to make Trade union

ट्रेड यूनियन बनाना आसान नहीं होगा

Sun, 03 May 2015 01:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sun, 03 May 2015 01:36 AM IST
विज्ञापन
not easy to make Trade union
श्रमिकों-कर्मचारियों के लिए अब ट्रेड यूनियन बनाना आसान नहीं होगा। केंद्र सरकार ट्रेड यूनियन गठन के लिए नियमों में कड़ाई करने जा रही है। इस संबंध में श्रम मंत्रालय ने प्रस्ताव तैयार किया है।
विज्ञापन


इसके तहत किसी भी फैक्ट्री-कारखाना में काम करने वाले कुल श्रमिकों का 10 फीसदी या फिर 100 श्रमिक ही ट्रेड यूनियन का गठन करने के लिए श्रम विभाग के ट्रेड यूनियन सेक्शन में आवेदन कर सकेंगे। वर्तमान में केवल 7 या इससे अधिक श्रमिक ट्रेड यूनियन का गठन कर सकते हैं।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने मजदूर यूनियन अधिनियम, औद्योगिक विवाद अधिनियम और औद्योगिक रोजगार स्थायी आदेश अधिनियम को मिलाकर एक नया अधिनियम का प्रस्ताव तैयार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रस्ताव के अनुसार केवल कारखाना-फैक्ट्री, कंपनी आदि में कार्यरत श्रमिक ही इस ट्रेड यूनियन में शामिल हो सकेंगे। बाहरी व्यक्ति ट्रेड यूनियन से नहीं जुड़ सकेगा। प्रस्ताव में कारखाना-फैक्ट्री परिसर आदि में धरना-प्रदर्शन आदि की छूट नहीं होगी।

विभाग से जुड़े अफसर ने बताया कि प्रस्ताव तैयार किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। अकेले कानपुर में ही 2-3 हजार ट्रेड़ यूनियनें हैं।


वहीं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच के संयोजक असित कुमार सिंह का कहना है कि सरकार जो भी प्रस्ताव तैयार कर रही है वह श्रमिक-कर्मचारी विरोधी हैं। सिर्फ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसे कानून तैयार किए जा रहे हैं। यदि ट्रेड यूनियनें नहीं होंगी तो श्रमिक-कर्मचारी की आवाज कौन उठाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed