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...जब बोरी भर सिक्के लेकर पहुंचे नामांकन कराने
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:31 PM IST
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नामांकन कराने के लिए जाते वीएन पाल
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर देहात में सिकंदरा उप चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने को लेकर प्रत्याशियों में मारामारी की स्थिति रही। एक प्रत्याशी जमानत राशि के रूप में पंद्रह हजार के सिक्के लेकर पहुंचा लेकिन उसका नामांकन नहीं हो सका। वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी देर से पहुंचने के कारण नामांकन नहीं करा सके।
सोमवार को चर्चित प्रोफेसर वीएन पाल निर्दलीय नामांकन कराने पहुंचे, वह जमानत राशि के लिए 15 हजार रुपये के सिक्के एक बोरी में भरकर ले गए थे। नामांकन पत्र भरने के लिए उन्होंने किसी अधिवक्ता से मदद भी नहीं ली। कक्ष के बाहर बैठकर नामांकन पत्र भरते रहे। इसके बाद अंदर जाने पर पुलिस ने उन्हें मना किया तो वह हंगामा करने लगे। किसी तरह से समझाकर लोगों ने उन्हें शांत कराया। वह नामांकन कराने की जिद पर अड़े थे जबकि प्रशासन उनका नामांकन पत्र अधूरा होने की बात कह नामांकन कक्ष के अंदर जाने से रोकता रहा।
करीब तीन बजे उन्हें अंदर जाने का मौका मिला तो नामांकन पत्र अधूरा होनेे व प्रस्तावक पूरे न होने पर नामांकन पत्र नहीं जमा कराया गया, इससे आक्रोशित होकर वह कलक्ट्रेट में आत्मदाह की धमकी देने लगे। इस सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें कोतवाली ले गई। कोतवाल विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि एक बाबा व साध्वी समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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वीएन पाल का निर्धारित समय तीन बजे तक नामांकन पत्र पूरा नहीं था, वहीं उनके पास दस प्रस्तावक नहीं थे इससे उनका नामांकन नहीं लिया गया। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष चैतन्य ब्रम्हचारी अपनी समर्थक एक साध्वी के साथ तीन बजे करीब पहुंचे लेकिन वह बैरीकेडिंग को फांद कर नामांकन कराने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें निर्धारित रास्ते से ही आने के लिए कहा। वह इस बात पर हंगामा करने लगे। उनके साथ मौजूद साध्वी ने प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया।
दीपाली कौशिक, आरओ
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सोमवार को चर्चित प्रोफेसर वीएन पाल निर्दलीय नामांकन कराने पहुंचे, वह जमानत राशि के लिए 15 हजार रुपये के सिक्के एक बोरी में भरकर ले गए थे। नामांकन पत्र भरने के लिए उन्होंने किसी अधिवक्ता से मदद भी नहीं ली। कक्ष के बाहर बैठकर नामांकन पत्र भरते रहे। इसके बाद अंदर जाने पर पुलिस ने उन्हें मना किया तो वह हंगामा करने लगे। किसी तरह से समझाकर लोगों ने उन्हें शांत कराया। वह नामांकन कराने की जिद पर अड़े थे जबकि प्रशासन उनका नामांकन पत्र अधूरा होने की बात कह नामांकन कक्ष के अंदर जाने से रोकता रहा।
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करीब तीन बजे उन्हें अंदर जाने का मौका मिला तो नामांकन पत्र अधूरा होनेे व प्रस्तावक पूरे न होने पर नामांकन पत्र नहीं जमा कराया गया, इससे आक्रोशित होकर वह कलक्ट्रेट में आत्मदाह की धमकी देने लगे। इस सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें कोतवाली ले गई। कोतवाल विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि एक बाबा व साध्वी समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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वीएन पाल का निर्धारित समय तीन बजे तक नामांकन पत्र पूरा नहीं था, वहीं उनके पास दस प्रस्तावक नहीं थे इससे उनका नामांकन नहीं लिया गया। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष चैतन्य ब्रम्हचारी अपनी समर्थक एक साध्वी के साथ तीन बजे करीब पहुंचे लेकिन वह बैरीकेडिंग को फांद कर नामांकन कराने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें निर्धारित रास्ते से ही आने के लिए कहा। वह इस बात पर हंगामा करने लगे। उनके साथ मौजूद साध्वी ने प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया।
दीपाली कौशिक, आरओ