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औद्योगिक भूखंडों के खरीदार नहीं
प्रदीप अवस्थी, कानपुर
Updated Wed, 20 Jan 2016 02:26 AM IST
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उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (यूपीएसआईडीसी) के औद्योगिक भूखंडों से लोगों का मोहभंग हो गया है। इसके पीछे उद्यमियों का उत्पीड़न, पैसा जमा करने के बाद भी जमीन न मिलने और अन्य तरह के भ्रष्टाचार को वजह बताया जा रहा है।
इन्हीं कारणों से महत्वाकांक्षी परियोजना हाईटेक सिटी ‘ट्रांसगंगा’ के 181 औद्योगिक भूखंडों को लेने के लिए लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। आवेदन की आखिरी तारीख दो बार बढ़ाए जाने के बाद भी महज 40 लोगों ने आवेदन किया है। अब आखिरी तारीख आठ फरवरी की गई है।
यूपीएसआईडीसी ने नवंबर माह में 181 औद्योगिक भूखंडों के लिए आवेदन मांगे थे। महीने भर तक तो विभाग के पास कोई आवेदन नहीं आया। फजीहत होती देख अधिकारियों ने जानने वालों और बड़े उद्यमियों को बुलाकर औद्योगिक भूखंडों के फार्म बांटे। दिसंबर आखिरी तक यह आंकड़ा भी महज 20 तक पहुंचा। नौ जनवरी आखिरी तारीख आने पर कुछ आवेदन और बढ़े, लेकिन फजीहत होने से नहीं बची। भूखंडों की संख्या के बराबर आवेदन न आने से फिर आखिरी तारीख बढ़ा दी गई।
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इन्हीं कारणों से महत्वाकांक्षी परियोजना हाईटेक सिटी ‘ट्रांसगंगा’ के 181 औद्योगिक भूखंडों को लेने के लिए लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। आवेदन की आखिरी तारीख दो बार बढ़ाए जाने के बाद भी महज 40 लोगों ने आवेदन किया है। अब आखिरी तारीख आठ फरवरी की गई है।
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यूपीएसआईडीसी ने नवंबर माह में 181 औद्योगिक भूखंडों के लिए आवेदन मांगे थे। महीने भर तक तो विभाग के पास कोई आवेदन नहीं आया। फजीहत होती देख अधिकारियों ने जानने वालों और बड़े उद्यमियों को बुलाकर औद्योगिक भूखंडों के फार्म बांटे। दिसंबर आखिरी तक यह आंकड़ा भी महज 20 तक पहुंचा। नौ जनवरी आखिरी तारीख आने पर कुछ आवेदन और बढ़े, लेकिन फजीहत होने से नहीं बची। भूखंडों की संख्या के बराबर आवेदन न आने से फिर आखिरी तारीख बढ़ा दी गई।
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