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बेबस अन्नदाता: मंडी में भाव नहीं, कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं, सड़क पर आलू फेंक रहे किसान

Thu, 16 Mar 2023 11:20 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 16 Mar 2023 11:20 AM IST
सार

इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है। उचित दाम न मिलने और कोल्ड स्टोरेज में जगह न होने की वजह से किसान सड़क पर आलू फेंक रहे हैं।

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No price in the market, no space in cold storage, farmers throwing potatoes on the road
बिल्हौर के शिवराजपुर भैसऊ में सड़क पर फेंके गए आलू के बोरे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में आलू की बंपर पैदावार की वजह से उचित दाम न मिलने और शीतगृहों (कोल्ड स्टोरेज) में जगह न होने की वजह से किसान सड़क पर आलू फेंक रहे हैं। शिवराजपुर के भैसऊ गांव में पुराने डायट भवन के सामने सड़क के किनारे बुधवार को 40 बोरे आलू पड़े मिले। किसानों का कहना है कि मंडी में तीन रुपये दाम मिल रहे हैं, ऐसे में बहुत से किसानों ने आलू बगीचों और बरामदों में डंप कर रखा है।

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इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है। भैसऊ गांव के विक्रम कटियार, मंगेलाल कश्यप, रौतापुर गांव के गुड्डी बाबू, जगदीशपुर गांव के भोला कटियार आदि ने बताया कि आलू का इतना कम दाम मिल रहा कि मंडी तक ले जाने का भाड़ा भी नहीं निकलेगा। आसपास के कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं है। किसानों ने मांग की है कि आलू को एमएसपी के दायरे में लाया जाए। ताकि उनकी फसल का उचित और लागत मूल्य मिल सके।

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बगीचों व बरामदों में डंप है एक लाख क्विंटल से ज्यादा आलू
घिमऊ गांव के किसान रमोल मिश्र ने बताया कि उनका 500 क्विंटल आलू बगीचे में डंप हैं। इसी गांव के कंचन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के सभी शीतगृहों ने आलू भंडारण से मना कर दिया है। अरौल, शिवराजपुर, चौबेपुर शीतगृहों में आलू ले जाने पर भाड़ा इतना लगेगा कि लागत ही नहीं निकलेगी। ऐसे में वे अपने कारखाने में ही आलू डंप किए हैं। आढ़ती बलराम सिंह ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक क्षेत्र के गांवों में एक लाख क्विंटल से अधिक आलू भंडारण न होने के कारण इधर उधर डंप है। यदि सरकार एक सप्ताह के अंदर कोई कदम नहीं उठाती तो आलू खराब होने लगेगा।

बिल्हौर के इन गांवों में होती आलू की खेती 
तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक आलू की खेती बकोठी, अरौल, आंकिन, संती, हिंदूपुर, ददिखा, महिगवां, बिल्हौर देहात, बरौली, देवहा, देवकली, मकनपुर, इलियासपुर, दलेलपुर, खजुरी, सिहुरा, मल्लापुर, राजेपुर, कुटरा, शिवदत्तापुर, गदनापुर, कुदौरा, घिमऊ, सांभी, रतीरामपुरवा, टिकरिया, बीबीपुर, सुभानपुर, अनूपपुरवा, चौबिगही, रसूलपुर, सेंग, जुलाहा, सैबसू, बेर्रा, नानामऊ गांव में होती है। 

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शीतगृह संचालकों ने गेट पर लगाया धन्यवाद किसानों का पोस्टर
तहसील क्षेत्र के शीतगृह भर चुके हैं। संचालकों ने गेट पर धन्यवाद किसानों के पोस्टर लगा दिए हैं। हालांकि अभी भी 10 से 12 प्रतिशत आलू की खोदाई बाकी है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि पैदावार के अनुसार बिल्हौर और उसके आसपास पर्याप्त शीतगृह हैं, किसी भी शीतगृह में भंडारण का स्थान न होने की कोई जानकारी अभी तक कार्यालय में नहीं दी गई है।

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