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UP: 'कैसे चला दाना-पानी...', 3 साल से खाते से नहीं निकाले रुपये, 100 से अधिक करदाताओं को नोटिस भेज मांगा हिसाब
Thu, 11 Dec 2025 02:55 PM IST
शाहरुख खान
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 11 Dec 2025 02:55 PM IST
सार
आयकर विभाग ने कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा के 100 से ज्यादा करदाताओं को नोटिस भेजा है। नोटिस में पूछा है कि तीन साल से खाते से रुपये नहीं निकाले, बताओ दाना-पानी कैसे चला। वार्षिक सूचना विवरण से मामला पकड़ में आया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काली कमाई के मामले में कानपुर शहर के कई कारोबारी फंस गए हैं। कई कारोबारी ऐसे हैं जिन्होंने तीन साल तक बैंक से एक रुपये तक नहीं निकाला। इस पर आयकर विभाग ने इनको नोटिस भेजकर दाल-रोटी समेत अन्य खर्च का हिसाब मांगा है।
विभाग के सूत्रों ने बताया कि जब खाते से पैसा नहीं निकाला गया तो घर खर्च कहां से चला, अब अफसरों की इस पर नजर है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के अधीन आने वाले कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा के 100 से ज्यादा करदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं।
वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) के जरिये इन मामलों को पकड़ा गया है। आयकर विभाग कर चोरी रोकने के लिए नए-नए प्रावधान कर रहा है। इस बीच काली कमाई के नए-नए मामले भी पकड़ में आ रहे हैं।
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सूत्रों ने बताया कि शहर के एक कारोबारी का गाजियाबाद में पैकेजिंग उत्पादों की इकाई है। सालाना कमाई करीब 18 लाख बताई जा रही थी। विभाग ने वार्षिक सूचना विवरण से इनका मिलान किया तो काली कमाई का मामला सामने आया।
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विभाग के सूत्रों ने बताया कि जब खाते से पैसा नहीं निकाला गया तो घर खर्च कहां से चला, अब अफसरों की इस पर नजर है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के अधीन आने वाले कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा के 100 से ज्यादा करदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं।
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वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) के जरिये इन मामलों को पकड़ा गया है। आयकर विभाग कर चोरी रोकने के लिए नए-नए प्रावधान कर रहा है। इस बीच काली कमाई के नए-नए मामले भी पकड़ में आ रहे हैं।
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सूत्रों ने बताया कि शहर के एक कारोबारी का गाजियाबाद में पैकेजिंग उत्पादों की इकाई है। सालाना कमाई करीब 18 लाख बताई जा रही थी। विभाग ने वार्षिक सूचना विवरण से इनका मिलान किया तो काली कमाई का मामला सामने आया।
जांच में पता चला कि तीन साल से कारोबारी, उसकी पत्नी ने बैंक के खातों से कोई नकदी निकासी ही नहीं की जबकि इन वर्षों में लगातार खर्च किया गया। अब विभाग ने नोटिस भेजा है। इसमें परिवार के सदस्यों, उनकी प्रोफाइल, पैन नंबर और सालाना आय की जानकारी मांगी है।
वार्षिक सूचना विवरण से पकड़ में आया मामला
महीने के राशन खर्च जिसमें गेहूं का आटा, चावल, मसाले, तेल, गैस, बिजली, कपड़े, जूते, पॉलिश, हेयर कट, कॉस्मेटिक्स, परफ्यूम, सोशल इवेंट्स का खर्च, स्कूल की फीस, किताबें, कपड़े, किराया, कार चलाने का खर्च, कार इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, बिल्डिंग का खर्च, बिल्डिंग इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, रिश्तेदारों और दूसरों को गिफ्ट देने का खर्च, रेस्टोरेंट में जाने का खर्च का विवरण देने के लिए कहा गया है।
महीने के राशन खर्च जिसमें गेहूं का आटा, चावल, मसाले, तेल, गैस, बिजली, कपड़े, जूते, पॉलिश, हेयर कट, कॉस्मेटिक्स, परफ्यूम, सोशल इवेंट्स का खर्च, स्कूल की फीस, किताबें, कपड़े, किराया, कार चलाने का खर्च, कार इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, बिल्डिंग का खर्च, बिल्डिंग इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, रिश्तेदारों और दूसरों को गिफ्ट देने का खर्च, रेस्टोरेंट में जाने का खर्च का विवरण देने के लिए कहा गया है।
नोटिस में कहा गया है कि गेट-टुगेदर का खर्च, सोशल इवेंट्स का खर्च और इसी तरह के रोजाना खर्च का भी विवरण दें। सभी की जानकारी ब्रेकअप के साथ जमा करनी है। अगर दूसरे सदस्य ये खर्च उठा रहे हैं तो दूसरे सदस्य अपनी आय, घर से निकाले गए रुपये की जानकारी भी विभाग को सबूत के साथ देंगे।
सूत्रों के मुताबिक कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के अधीन आने शहरों के 100 से ज्यादा करदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं।
सीए अंकुर गोयल और शिवा गुप्ता ने बताया कि इस तरह के नोटिस करदाताओं को विभाग से मिल रहे हैं। उन्होंने अपनी आय और खर्च का ब्योरा दस्तावेजों के साथ देना होगा। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 142 (1) के तहत नोटिस भेजे गए हैं।