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न जांचा, न सोचा, पुल के निर्माण पर लोचा
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 08 Feb 2016 02:04 AM IST
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शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का ख्वाब देख रहे अफसर शहर का सीओडी क्रासिंग का पुल आठ साल में नहीं बना पाए। रो-रोकर हो रहा निर्माण कार्य जब अंतिम चरणों में पहुंचा तो पता चला कि पुल का डिजाइन ही फाइनल नहीं है।
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नेशनल हाइवे पीडब्लूडी ने पुल निर्माण के लिए चार-चार पिलर बना डाले तो रेलवे ने तीन-तीन पिलर खड़े कर दिए। क्रासिंग के ऊपर निर्माण की बारी आई तो पता चला कि पुल का डिजाइन ही नहीं फाइनल किया गया। शनिवार को डीएम की फटकार के बाद अफसरों को डिजाइन संशोधित कराने की सुध आई।
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इसके लिए कंसल्टेंट कंपनी को दस दिन का समय दिया गया। पुल की दो लेन चालू करने की डेडलाइन पूरी होने में पौने छह महीने बचे हैं। इस समय में काम पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
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जीटी रोड की सीओडी क्रासिंग पर चार लेन के पुल का 80 फीसदी निर्माण एनएच पीडब्लूडी करा रहा है, जबकि रेलवे लाइन के ऊपर शेष 20 प्रतिशत निर्माण रेलवे को कराना है। दोनों विभागों का लगभग 60-60 प्रतिशत कार्य हो गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि एनएच पीडब्लूडी चार लेन के रेलवे ओवरब्रिज के लिए चार-चार पिलर बना रहा है, जबकि रेलवे तीन-तीन पिलर बना रहा है। दोनों विभागों ने अपने काम में मनमानी की।
एक दूसरे से निर्माण कार्य को लेकर जानकारी तक नहीं ली। जब रेलवे ट्रैक के पास जोड़ने के लिए निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई तो दोनों विभागों के हाथपांव फूल गए। पता चला कि किसी के पास पुल का डिजाइन फाइनल नहीं है। अब इसकी डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार करोड़ के लिए फंसा रामादेवी फ्लाईओवर
कानपुर। मात्र चार करोड़ रुपये की कमी से रामादेवी-जाजमऊ फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में रुक गया है। चार-पांच दिन में पूरा हो सकने वाला यह कार्य कब पूरा होगा, एनएचएआई के अफसर यह बताने में असमर्थता जता रहे हैं।
एनएचएआई ने रामादेवी से जाजमऊ तक पांच किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण छह साल पहले शुरू कराया था, इसे पांच साल में पूरा होना था, पर अभी तक लगभग 96 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। ठेकेदार फर्म गैमन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सुस्त चाल की वजह से निर्माण लागत डेढ़ सौ करोड़ रुपये से बढ़कर 200 करोड़ हो गई है।
इधर, ठेकेदार ने धनाभाव बताकर सड़क निर्माण रोक दिया है। उसने एनएचएआई से चार करोड़ रुपये मांगे हैं, जबकि एनएचएआई कार्य होने के बाद पेमेंट करने की बात कह रहा है।
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक नवीन मिश्रा,ने बताया कि फ्लाईओवर की सड़क बनना बाकी है। तीन-चार करोड़ में यह कार्य हो जाएगा। ठेकेदार को यह कार्य भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।