Sikh Riots: पूर्व मंत्री के भतीजे का सुराग नहीं, एनबीडब्ल्यू के लिए दी अर्जी, एक-दो दिन में मिल सकता है वारंट
कानपुर में वर्ष 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। इस दौरान निराला नगर में तिहरा हत्याकांड हुआ था। इस केस का मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा का भतीजा राघवेंद्र है। उसे एसआईटी अब तक पकड़ नहीं पाई है।
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कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगों का मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री का भतीजा राघवेंद्र सिंह कुशवाहा अब तक पकड़ से दूर है। इसलिए एसआईटी ने मंगलवार को उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। अर्जी पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट वारंट जारी करेगा।
31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। विरोध में सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे। कानपुर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। साढ़े दिन वर्षों से इन केसों की विवेचना एसआईटी कर रही है। 34 आरोपियों की एसआईटी गिरफ्तारी भी कर चुकी है।
मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा का भतीजा राघवेंद्र सिंह कुशवाहा है। निराला नगर में तिहरा हत्याकांड हुआ था। इस केस का मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा का भतीजा राघवेंद्र है। कुछ दिन पहले ही उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हुई है। तब से एसआईटी उसकी गिरफ्तार के प्रयास में जुटी है।
एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि राघवेंद्र के खिलाफ एनबीडब्ल्यू लेने के लिए अर्जी दे दी गई है। वारंट मिलने के बाद कुर्की की कार्रवाई कर उस पर इनाम घोषित किया जाएगा।
पूर्व नेता पर कसा शिकंजा
गोविंद नगर में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसमें विशाख सिंह, उनकी पत्नी सरनकौर, उनकी बेटी गुरवचन कौर व बेटे जोगेंद्र सिंह, गुरुचरन सिंह, दत्तरपाल सिंह व गुरुमुख सिंह की हत्या की गई थी।
डीआईजी ने बताया कि इसमें राघवेंद्र त्रिपाठी नाम का शख्स आरोपी है। वह भी फरार है। यह एक पार्टी का नेता था। उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू ले लिया गया है। अब कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।