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नौकरीपेशा को टीडीएस व टीसीएस में छूट का लाभ नहीं, जारी की गईं टीडीएस कटौती की नई दरें
Fri, 15 May 2020 11:22 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 15 May 2020 11:22 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में आम आदमी को टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (टीडीएस) और टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) में 25 फीसदी की जो छूट दी गई है, वह नौकरी पेशा वर्ग के लिए ठेंगा दिखाने जैसी है। कर सलाहकारों का कहना है कि इसका फायदा केवल स्वरोजगार करने वालों, पेशेवरों (प्रोफेशनल्स) और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा।
चूंकि नौकरीपेशा वर्ग का टीडीएस उतना ही कटता है जितनी उसकी टैक्स देयता होती है। इस वर्ग की पहले से कोई दर निर्धारित नहीं होती। वित्त मंत्री ने बुधवार को राहत पैकेज की पहली किस्त का विवरण दिया तो उसमें टीडीएस, टीसीएस में छूट की बात कही गई। वित्त मंत्री ने कहा था कि यह छूट टीडीएस, टीसीएस के सभी स्लैब्स पर लागू होगी और इससे देश भर के करदाताओं के करीब 55 हजार करोड़ रुपये बचेंगे। यह छूट 14 मई से लागू हो गई है। 31 मार्च 2021 तक इसका लाभ मिलता रहेगा। गुरुवार को टीडीएस कटौती की नई दरें जारी की गईं।
ये हैं टैक्स की नई दरें
सिक्युरिटी और डिविडेंट पर : सिक्युरिटीज पर ब्याज और डिविडेंड से होने वाली आय पर 10 फीसदी के बजाय अब 7.5 फीसदी की दर से टीडीएस लगेगा। इसी तरह सिक्युरिटीज पर ब्याज से अतिरिक्त मिलने वाली ब्याज पर 10 के बजाय 7.5 फीसदी टीडीएस लगेगा। इस कैटेगिरी में व्यक्तिगत मामलों में अधिकतम 5 से 50 हजार तक का टैक्स लगेगा।
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चूंकि नौकरीपेशा वर्ग का टीडीएस उतना ही कटता है जितनी उसकी टैक्स देयता होती है। इस वर्ग की पहले से कोई दर निर्धारित नहीं होती। वित्त मंत्री ने बुधवार को राहत पैकेज की पहली किस्त का विवरण दिया तो उसमें टीडीएस, टीसीएस में छूट की बात कही गई। वित्त मंत्री ने कहा था कि यह छूट टीडीएस, टीसीएस के सभी स्लैब्स पर लागू होगी और इससे देश भर के करदाताओं के करीब 55 हजार करोड़ रुपये बचेंगे। यह छूट 14 मई से लागू हो गई है। 31 मार्च 2021 तक इसका लाभ मिलता रहेगा। गुरुवार को टीडीएस कटौती की नई दरें जारी की गईं।
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ये हैं टैक्स की नई दरें
सिक्युरिटी और डिविडेंट पर : सिक्युरिटीज पर ब्याज और डिविडेंड से होने वाली आय पर 10 फीसदी के बजाय अब 7.5 फीसदी की दर से टीडीएस लगेगा। इसी तरह सिक्युरिटीज पर ब्याज से अतिरिक्त मिलने वाली ब्याज पर 10 के बजाय 7.5 फीसदी टीडीएस लगेगा। इस कैटेगिरी में व्यक्तिगत मामलों में अधिकतम 5 से 50 हजार तक का टैक्स लगेगा।
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ठेकेदार को भुगतान पर
व्यक्तिगत या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) की ओर से ठेकेदार को भुगतान पर एक की जगह 0.75 फीसदी और अन्य की ओर से भुगतान पर दो की जगह 1.50 फीसदी टीडीएस कटौती होगी। किराया पर मौजूदा 10 फीसदी की जगह 7.50 फीसदी टीडीएस कटेगा। व्यावसायिक गतिविधि के लिए अतिरिक्त दो फीसदी के बजाय 1.5 फीसदी टीडीएस देना होगा। व्यक्तिगत या एचयूएफ की ओर से किराये के भुगतान पर मौजूदा पांच के बजाए 3.75 फीसदी टीडीएस लगेगा।
नकद निकासी पर
एक करोड़ से ज्यादा की नकद निकासी पर दो फीसदी के बजाय 1.50 फीसदी टीडीएस लगेगा। यदि किसी ने पिछले तीन मूल्यांकन वर्ष में रिटर्न दाखिल नहीं किया है और वह 20 लाख से ज्यादा और एक करोड़ से कम की नकदी निकासी करता है तो उस पर दो फीसदी के बजाय 1.50 फीसदी टीडीएस लगेगा। वहीं, यदि किसी ने पिछले तीन मूल्यांकन वर्ष में रिटर्न दाखिल नहीं किया है और एक करोड़ से ज्यादा की नकदी निकासी करता है तो उसे मौजूदा पांच की जगह 3.75 फीसदी की दर से टीडीएस देना होगा।
इन्हें नहीं मिलेगा छूट का लाभ
यदि किसी करदाता ने टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय पैन या आधार नंबर की जानकारी नहीं दी है तो उसे टीडीएस में छूट का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे करदाताओं को आयकर अधिनियम के तहत 20 फीसदी या इससे ज्यादा टीडीएस का भुगतान करना होगा। मौजूदा समय में एक से 25 फीसदी तक की दर से टीडीएस देना होता है जो अब घटकर 0.75 फीसदी से 18.75 फीसदी तक हो गया है।
व्यक्तिगत या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) की ओर से ठेकेदार को भुगतान पर एक की जगह 0.75 फीसदी और अन्य की ओर से भुगतान पर दो की जगह 1.50 फीसदी टीडीएस कटौती होगी। किराया पर मौजूदा 10 फीसदी की जगह 7.50 फीसदी टीडीएस कटेगा। व्यावसायिक गतिविधि के लिए अतिरिक्त दो फीसदी के बजाय 1.5 फीसदी टीडीएस देना होगा। व्यक्तिगत या एचयूएफ की ओर से किराये के भुगतान पर मौजूदा पांच के बजाए 3.75 फीसदी टीडीएस लगेगा।
नकद निकासी पर
एक करोड़ से ज्यादा की नकद निकासी पर दो फीसदी के बजाय 1.50 फीसदी टीडीएस लगेगा। यदि किसी ने पिछले तीन मूल्यांकन वर्ष में रिटर्न दाखिल नहीं किया है और वह 20 लाख से ज्यादा और एक करोड़ से कम की नकदी निकासी करता है तो उस पर दो फीसदी के बजाय 1.50 फीसदी टीडीएस लगेगा। वहीं, यदि किसी ने पिछले तीन मूल्यांकन वर्ष में रिटर्न दाखिल नहीं किया है और एक करोड़ से ज्यादा की नकदी निकासी करता है तो उसे मौजूदा पांच की जगह 3.75 फीसदी की दर से टीडीएस देना होगा।
इन्हें नहीं मिलेगा छूट का लाभ
यदि किसी करदाता ने टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय पैन या आधार नंबर की जानकारी नहीं दी है तो उसे टीडीएस में छूट का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे करदाताओं को आयकर अधिनियम के तहत 20 फीसदी या इससे ज्यादा टीडीएस का भुगतान करना होगा। मौजूदा समय में एक से 25 फीसदी तक की दर से टीडीएस देना होता है जो अब घटकर 0.75 फीसदी से 18.75 फीसदी तक हो गया है।