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'ठंड का कहर' हार्ट अटैक से दो दिन में नौ की मौत, बरतें एहतियात
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 10 Jan 2018 10:52 AM IST
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कानपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में ठंड ने कहर मचा रखा है। दिन में धूप के बाद भी हवायें चलने से गलन बनी रहती है ताे रात काे पारा नीचे गिरने से तापमान कम हाेने लगता है। एेसे में दिल का दाैरा पड़ने से 9 लाेग की माैत हाे गई है।
ठंड की वजह से हार्ट अटैक के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को हार्ट अटैक की वजह से कार्डियोलॉजी अस्पताल में नौ लोगों की मौत हो गई। हैलट इमरजेंसी का मेडिसिन विभाग इस वक्त भरा हुआ है।
इसमें कोल्ड डायरिया, निमोनिया और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज भर्ती हैं। कार्डियोलॉजी और हैलट अस्पताल में भर्ती 10 से ज्यादा मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि ठंड में आर्टरी (नसें) सिकुड़ जाती हैं।
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ठंड में आमतौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बीपी 180 से ज्यादा होने पर दिमाग की नस फट जाती है और रक्तस्राव होने लगता है। इसको ही ब्रेन स्ट्रोक कहते हैं। अगर सही वक्त पर सही इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
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ठंड की वजह से हार्ट अटैक के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को हार्ट अटैक की वजह से कार्डियोलॉजी अस्पताल में नौ लोगों की मौत हो गई। हैलट इमरजेंसी का मेडिसिन विभाग इस वक्त भरा हुआ है।
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इसमें कोल्ड डायरिया, निमोनिया और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज भर्ती हैं। कार्डियोलॉजी और हैलट अस्पताल में भर्ती 10 से ज्यादा मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि ठंड में आर्टरी (नसें) सिकुड़ जाती हैं।
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ठंड में आमतौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बीपी 180 से ज्यादा होने पर दिमाग की नस फट जाती है और रक्तस्राव होने लगता है। इसको ही ब्रेन स्ट्रोक कहते हैं। अगर सही वक्त पर सही इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।