Nikay Chunav: भितरघातियों की पहचान को पार्टियों में बनाई गई खुफिया टीम, भाजपा ऐसे लोगों की तैयार कर रही सूची
भितरघातियों की पहचान के लिए पार्टियों ने खुफिया टीम बनाई है। भाजपा ऐसे लोगों की सूची तैयार कर मुख्यमंत्री योगी को सौंपने की तैयारी कर रही है।
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नगर निकाय चुनाव में एक तरफ राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं, तो दलों के अंदर भितरघातियों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। ऐसे कुछ भितरघातियों की करामात उजागर होने के बाद इन लोगों को मुख्य जिम्मेदारी से किनारे किया जा रहा है। यह खींचतान भाजपा, सपा और कांग्रेस में अब खुलकर सामने आ गई है।
यह भी पता चला है कि संगठन की ओर से भितरघातियों की पहचान करने के लिए भी एक टीम अलग से बनाई गई है। तीनों पार्टियों के महापौर प्रत्याशियों के केंद्रीय कार्यालयों में देर रात तक होने वाली बैठकों से ये बातें निकलकर आई हैं कि बिरादरी के आधार पर कुछ ऐसे भी नेता सामने आ गए हैं, जो वोट बैंक का ठेका ले रहे हैं। सबसे ज्यादा बिरादरीवाद की लड़ाई इस समय ब्राह्मण मतदाताओं को लेकर है। राजनीतिक दलों के बीच एक धड़ा ऐसा है, जो ब्राह्मण वोटों को सरयूपारी और कान्यकुब्ज में बांटकर महापौर प्रत्याशियों को जीत और हार के सपने दिखा रहे हैं।
इस बीच पता चला है कि अब ऐसे लोग धीरे-धीरे बेनकाब हो रहे हैं। भाजपा की ओर से यह योजना बनाई गई है कि मुख्यमंत्री की नौ मई को होने वाली जनसभा ऐसे लोगों की सूची सौंपी जाएगी। दो दिन पहले भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल भी भितरघातियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह चुके हैं। इसी तरह अगले चार पांच दिनों के बीच अखिलेश, शिवपाल और कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों की होने वाली जनसभाओं के दौरान भी ऐसे लोगों को बेनकाब करने की तैयारी है।
कांग्रेस के एक पूर्व जिलाध्यक्ष ने पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी को पत्र लिखकर अंदर ही अंदर घुटन महसूस करने की बात और भितरघात की जानकारी दी है। इससे अलग बहुजन समाज पार्टी में महापौर की सीट पर जीत का अपना अलग गणित लगाया जा रहा है। पार्टी के पदाधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि महापौर के तीन ब्राह्मण प्रत्याशियों के बीच मतों के टकराव से बसपा को फायदा होगा और पार्टी पिछले बार से अधिक फायदे में रहेगी।