फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   NGT team trampled to see the drainage falling in the Ganga river

गंगा में गिरता नाला देख चकराई एनजीटी टीम

Wed, 09 Aug 2017 12:03 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 09 Aug 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
NGT team trampled to see the drainage falling in the Ganga river
डेमो
कानपुर के जाजमऊ में 13 करोड़ लीटर की क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में रोजाना 40 करोड़ लीटर सीवरेज कचरा आता है। जिसमें से 27 करोड़ लीटर हानिकारक कचरा युक्त पानी सीधे गंगा में जा रहा है। चौंकाने वाले इस दृश्य को मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी)  की टीम के सदस्यों ने देखा। टीम में शामिल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जोनल आफीसर एसके गुप्ता और गंगा मंत्रालय के विशेषज्ञ प्रो काजमी यह देखकर चकरा गए। उन्होंने कहा कि नालों का कचरा इतनी अधिक मात्रा में गंगा में कैसे जाने दिया जा रहा है।
विज्ञापन


13 जुलाई 2017 को एनजीटी के आदेश के बाद एक बार फिर से सीपीसीबी, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई सहित शासन और प्रशासन की टीमें गंगा में प्रदूषण की जांच में जुट गई हैं। पिछले कुछ दिनों की जांच और सर्वे में यह बात निकलकर आई है कि सीवरेज नालों से निकलने वाले कचरे से गंगा में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को जब एनजीटी की टीम ने यह सब अपनी आंखों से देखा तो फिर से यह बात साबित हो गई। इससे पहले एनएमसीजी की टीम ने यहां आकर नालों की स्थित देखकर कहा था कि टेनरियों से ज्यादा कचरा तो सीवरेज नालों से गंगा में गिर रहा है। बाद में यही बात एनजीटी ने भी अपने आदेश में दिया। जिसके आधार पर टीम जांच करने आई है। टीम देर शाम उन्नाव के लिए रवाना हो गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर आए अधिकारी अपने साथ कुछ डाटा इकट्ठा करके ले गए हैं।
विज्ञापन


क्या किया टीम ने
- जाजमऊ के एसटीपी जिसमें सिर्फ सीवरेज नालों के कचरा युक्त पानी का ट्रीटमेंट किया जाता है, उसकी हर एंगल से फोटो खींची
- किन-किन सीवर लाइनों से कितना डिस्चार्ज आ रहा है इसकी मॉनीटरिंग की
- एक निश्चित समय में कितना कचरा युक्त पानी एसटीपी में जा रहा है, और कितना गंगा में उफान कर जा रहा है, दोनों की रीडिंग ली
- यही काम अब उन्नाव में गंगा किनारे बनाए गए एसटीपी की जांच में किया जाएगा।

- जाजमऊ स्थित एसटीपी पहुंची टीम, फिर गई उन्नाव
- एसटीपी की क्षमता 13 करोड़ की, 40 करोड़ लीटर आ रहा गंदा पानी
- बाकी 27 करोड़ सीधे गंगा में जा रहा कचरा युक्त पानी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed