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अब एनजीटी के कान में रेंगेंगे गंगा के कीड़े

Sat, 04 Mar 2017 03:14 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 04 Mar 2017 03:14 PM IST
सार

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सवाल करेगा एनजीटी
यूपीपीसीबी के मेंबर सेक्रेटरी ने मांगी रिपोर्ट
6 को नालों को लेकर फिर होगी सुनवाई

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गंगा के पानी में पनपने लगे हैं कीड़े - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
गंगाजल में कीड़े कैसे पड़े, यह सवाल नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से करेगा। पिछले कई दिनों से कानपुर में गंगा में गिरने वाले सीवरेज नालों की चल रही सुनवाई की अगली तारीख 6 मार्च है। तीन बड़े नालों पर सुनवाई हो चुकी है।

 

अब एनजीटी के कान में रेंगेंगे गंगा के कीड़े

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गंगा के पानी की जांच करने पहुंची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समिति - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
सारा मामला सीसामऊ नाले पर आकर रुका हुआ है। इस बीच गंगाजल में कीड़े मिलने से नई मुसीबत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के सामने आ गई है। इस संबंध में बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी सुरेश यादव ने कहा कि इसकी रिपोर्ट मंगाई गई है। कानपुर में गंगा में बहुतायत में कीड़े पाए गए हैं। अमर उजाला में इस खुलासे के बाद गुरुवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने गंगाजल के सैंपल लिए थे।

 

अब एनजीटी के कान में रेंगेंगे गंगा के कीड़े

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गंगा जल में पड़े कीड़े कांच के गिलास में भरकर दिखाते महंत - फोटो : अमर उजाला
बोर्ड की जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि यह कीड़े किस तरह के हैं और इनसे कितना नुकसान हो रहा है। साथ ही कीड़े गंगा में आने की वजह क्या है। इस बीच बताया जा रहा है कि दिल्ली में सोमवार को होने वाली सीवरेज नालों पर सुनवाई में भी गंगाजल में कीड़े का मसला भी उठाया जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने बताया है कि शुक्रवार को भी गंगा के पानी को पीने योग्य बनाने की प्रक्रिया में इन कीड़ों की वजह से अड़चन आई।

 
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मल-मूत्र से गंगा में कीड़े

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गंगा नदी में तैरती काई - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम की अभी तक की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि नालों के जरिए और सीधे गंगा में जो भी मल मूत्र आ रहा है, उसकी वजह से कीड़े पड़ हैं। हरिद्वार से लेकर कानपुर के बीच करीब 31 बड़े नाले सीधे गंगा में गिर रहे हैं, जिनको रोकने के लिए एनजीटी लगातार चाबुक चला रहा है लेकिन अभी तक इस मसले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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