{"_id":"5bd3f713bdec2265a106188c","slug":"news-related-to-special-train-in-festive-season","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यहां रेलवे को भी जुगाड़ से मिलती हैं स्पेशल ट्रेनों की बोगियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां रेलवे को भी जुगाड़ से मिलती हैं स्पेशल ट्रेनों की बोगियां
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 27 Oct 2018 11:28 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्योहारी सीजन में 52 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रहीं हैं। इनके लिए बोगियां रेलवे ‘जुगाड़’ से जुटाता है। इसके लिए साप्ताहिक या सप्ताह में दो दिन चलने वाली ट्रेनों की रैक का इस्तेमाल स्पेशल ट्रेनों के लिए कर लेते हैं। अगर कोई स्पेशल ट्रेन कानपुर से मुंबई के बीच चलती है तो कानपुर से लेकर मुंबई तक के स्टेशनों में जहां भी रैक होती है, उसका इस्तेमाल रेलवे स्पेशल ट्रेन के लिए करता है।
विज्ञापन
डेमो पिक
तमाम स्टेशनों पर रिजर्व बोगियां होती हैं। मसलन, अगर किसी ट्रेन में एलएचबी बोगियां लगीं तो उसकी पुरानी आईसीएफ बोगियों का इस्तेमाल स्पेशल ट्रेन में होता है। अब ट्रेनेें एलएचबी हो रही हैं, तो पुराने रैक खाली हो रहे हैं। यही वजह है कि सभी स्पेशल ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोच ही लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमो पिक
स्पेशल ट्रेनों को चलाने में रेलवे अपना नफा नुकसान भी देखता है। उन्हीं रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलती हैं, जहां यात्रियों का लोड अधिक हो। जुगाड़ वाली स्पेशल ट्रेन हमेशा इसलिए नहीं चलती हैं क्योंकि रूट पर यात्री कम होते हैं। रूटीन ट्रेनों में ही अक्सर सीटें खाली रहती हैं। ट्रेनों की टाइमिंग न बिगड़े इसलिए ट्रैक पर जबरन लोड नहीं बढ़ाया जाता है।