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कानपुर: छात्रों के लिए तरस रहे ये कॉलेज, कभी लगती थीं लंबी लाइनें और अब नहीं भर पा रहीं चौथाई सीटें

Mon, 17 Jun 2019 02:26 PM IST
शिखा पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 17 Jun 2019 02:26 PM IST
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news related to admission in degree colleges in kanpur
सीएसजेएमयू कानपुर
कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध अनुदानित डिग्री कॉलेजों में सीटें भरना चुनौती से कम नहीं है। क्राइस्ट चर्च और पीपीएन डिग्री कॉलेजों को छोड़कर शेष अन्य कॉलेजों में अभी तक चौथाई सीटें भी नहीं भर सकी हैं। कॉलेजों में दाखिला 30 जून तक ही लिए जाने हैं।
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डीजी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संध्या सिंह ने बताया कि बीए में 1080 सीटें और बीएससी में 360 सीटें हैं। अभी तक दोनों वर्गों को मिलाकर कुल करीब तीन सौ दाखिले हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति अभी बहुत अच्छी नहीं है। एएनडी में बीए में 780 सीटें और बीएससी-बीकॉम में 360-360 सीटें हैं।
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प्रिंसिपल डॉ. अलका कपूर ने कहा कि अभी बेहद कम संख्या में छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। चौथाई सीटें भी नहीं भरी हैं। बताया कि छात्र पीपीएन और क्राइस्ट चर्च की मेरिट निकलने का भी इंतजार करते हैं। उसके बाद अन्य कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। बताया कि सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के कारण साल दर साल सीटें भरना मुश्किल हो रहा है। एसएनसेन डिग्री कॉलेज की प्रिंसिपल पूर्णिमा त्रिपाठी ने बताया कि बीए में 960 सीटें और बीएससी में 240 सीटें हैं।
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अभी तक दाखिला लेने वालों की संख्या बेहद कम है। डीएवी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि बीए में 1248, बीकॉम में 1248 और बीएसी में 2080 सीटें हैं। यह सही है कि छात्रों का रुझान अनुदानित कॉलेजों की तरफ कम हुआ है। 

ये हैं कारण
प्रोफेशनल कोर्सों की ओर बढ़ते रुझान ने अनुदानित डिग्री कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या को घटाने में अहम भूमिका निभाई है। अब छात्रों का रुझान बीएससी-बीए जैसे पारंपरिक कोर्सों के बजाय बीटेक, बीसीए आदि पाठ्यक्रमों की ओर ज्यादा है। इसके अलावा काफी संख्या में सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों का होना भी इन कॉलेजों में छात्र संख्या कम कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि अधिकतर सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में छात्र कक्षा लेने तक नहीं जाते हैं। परीक्षाओं के दौरान यहां छात्रों को ‘सुविधा’ भी आराम से मिल जाती है। 
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