{"_id":"5a79ae6e4f1c1b8b268b8c01","slug":"new-preparation-for-hiv-patient","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यहां हैं एचअाईवी के 120 राेगी, इस तरीके से दवा खाने की दिलाएंगे याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां हैं एचअाईवी के 120 राेगी, इस तरीके से दवा खाने की दिलाएंगे याद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 07 Feb 2018 09:30 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एड्स के मरीजाें के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से क्षयरोग और एचआईवी को जड़ से खत्म करने के लिए अनूठी पहल की गई है। जिला क्षयरोग विभाग इन रोगियों को मोबाइल पर एसएमएस के जरिए दवा खाने की याद दिलाएगा।
जब तक रोगी दवा नहीं खाएगा उसे लगातार एसएमएस भेजे जाते रहेेंगे
डेमो पिक
जब तक रोगी दवा नहीं खाएगा उसे लगातार एसएमएस भेजे जाते रहेेंगे। दवा खाने के बाद रोगियों को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से दवाई के रेपर पर लिखे टोल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल देनी होगी। विभाग को पता चल जाएगा कि रोगी ने दवा खा ली है। जिले में क्षयरोग के 2013 और एचआईवी के 120 रोगी हैं।
रोगियों को विभाग मुफ्त दवा मुहैया कराता है
डेमो पिक
फिलहाल एसएमएस भेजकर दवा खाने की अपील टीबी व एचआईवी रोगियों से की जाने लगी है। इन रोगियों को विभाग मुफ्त दवा मुहैया कराता है। इनका रजिस्ट्रेशन भी विभाग में किया जाता है। इनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेज दवा खाने की अपील की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निजी चिकित्सकों को ‘निश्चय’ पर रस्ट्रिेशन कराना जरूरी
डेमो पिक
क्षयरोग विभाग के सीनियर सुपरवाइजर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जिले में निजी प्रैक्टिस करने वाले एमबीबीएस चिकित्सकों को क्षयरोग विभाग के निश्चय पोर्टल पर नाम दर्ज कराना होगा। विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन के दौरान चिकित्सक को लॉगिंग-आईडी दी जाएगी। उनके पास आने वाले टीबी रोगियों की जानकारी चिकित्सक को इस पर अपडेट करनी होगी। क्षयरोग में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले चिकित्सक पर विधिक कार्रवाई भी हो सकती है।
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर संचालकों को भी रखना होगा ब्योरा
डेमो पिक
मेडिकल स्टोर संचालकों को भी टीबी की दवा खरीदने वालों का ब्योरा रखना होगा। रजिस्टर में किस चिकित्सक से सलाह ली है इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। यह जानकारी हर माह क्षय विभाग को मुहैया करानी होगी। जिले में क्षय रोगियों की संख्या सर्वाधिक कुरारा क्षेत्र में यमुना पट्टी के गांवों में है। वहीं सुमेरपुर और मौदहा में क्षय रोगी अधिक हैं।