हादसा या लापरवाही: NICU में नवजात की मौत, परिजन बोले- वार्मर मशीन से झुलसा, सीएमओ बोले- जलने के नहीं हैं निशान
उत्तर प्रदेश में उन्नाव के जिला अस्पताल में एसएनसीयू में उपचार के दौरान नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही और वार्मर मशीन से झुलसने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
विस्तार
उन्नाव जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात को दूध पिलाने के दौरान सांस लेने में तकलीफ हुई और उसने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू किया। डॉक्टर और स्टॉफ ने समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने।
सूचना पर सीएमओ पहुंचे और जांच की। परिजनों ने वार्मर मशीन जलने का आरोप लगाया, लेकिन जांच में सीएमओ ने ऐसा कुछ नहीं पाया। बच्चे के शरीर मे भी जलने जैसा कोई निशान नहीं मिला। सीएमओ के समझाने पर परिजन शांत हुए।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गांव मरोई नईमपुर निवासी देशू की पत्नी शारदा ने 17 फरवरी को जिला महिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। तीन दिन बच्चा भर्ती रहने के बाद उसकी हालत में सुधार न देख 20 फरवरी को उसे कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया था।
कानपुर हैलट रेफर किया था
परिजन दवा लिखवाकर उसे घर लेकर चले गए थे। दो मार्च को सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे दोबारा एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। तब से इलाज चल रहा था। पांच मार्च को बच्चे की हालत फिर बिगड़ी उसका कानपुर हैलट का रेफर बनाया गया।
परिजनों का आरोप- इलाज में लापरवाही
फिर परिजनों ने ले जाने से इनकार किया और यही भर्ती रखने की बात कही। मंगलवार सुबह मां बच्चे को दूध पिला रही थी। दूध पिलाते समय बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हुई और सुबह 11:30 बजे उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत पर परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया।
सीएमओ बोले- नहीं मिले हैं जलने के निशान
यही नहीं वार्मर मशीन जलने की बात कही। नवजात की मौत पर हंगामें की सूचना पर पहुंचे सीएमओ ने जांच की। न ही मशीन जली मिली और न ही बच्चे के शरीर पर दाग मिला। वार्ड में रहीं डॉ. निधि से हुए इलाज की जानकारी ली, तो पता चला कि उसे सांस लेने में तकलीफ थी। रेफर भी बना रखा था, लेकिन परिजन नहीं ले गए थे।
मशीन भी सही निकली
सीएमओ के समझाने के बाद परिजन माने और शव लेकर घर चले गए। यह उनका दूसरा बच्चा था। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि नवजात की मौत मामले में जांच की गई है। सांस लेने में तकलीफ होने से उसकी मौत हुई है। जिस मशीन पर बच्चा था वह परिजनों के सामने चेक की गई कहीं भी वह जली नहीं मिली।