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शर्मनाक है ये तस्वीर: दाह संस्कार के लिए न सूखी लकड़ी मिली न जगह, महिला को दफन किया
Sun, 27 Sep 2026 07:33 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 27 Sep 2026 07:33 PM IST
सार
Hardoi News: अंतिम संस्कार स्थल पर पानी भी भर गया था। शनिवार को सड़क हादसे में तीनों की मौत हुई थी।
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विद्यावती को दफनाने के बाद मिट्टी डालती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर कोतवाली क्षेत्र में सवायजपुर मार्ग पर समुदा के पास शनिवार को सड़क हादसे में मृत मां बेटे समेत तीन लोगों का अंतिम संस्कार रविवार को किया गया। मृतकों में शामिल महिला के दाह संस्कार के लिए न तो सूखी लकड़ी मिली और न ही सूखी जगह। ऐसे में उन्हें दफन किया गया। अविवाहित होने के कारण उनके बेटे को भी दफन किया गया।
लाेनार कोतवाली क्षेत्र के भुवनपुरवा निवासी सुहेल (25) की बहन कामिनी को प्रसव पीड़ा के कारण शुक्रवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को प्रसव होना था। इस जानकारी पर सुहेल अपने बहनोई (कामिनी के पति) रमेश (32) के साथ शुक्रवार रात भुवनपुरवा पहुंचा था। शनिवार को सुहेल अपनी मां विद्यावती और बहनोई रमेश के साथ अस्पताल जा रहा था। इस दौरान हादसे में तीनों की मौत हो गई थी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए थे। अंतिम संस्कार के लिए रविवार सुबह न तो सूखी लकड़ी मिली और न ही अंतिम संस्कार स्थल। ऐसे में विद्यावती का शव दफन कर दिया गया। बेटे सुहेल का शव भी दफनाया गया। रमेश का दाह संस्कार हुआ।
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लाेनार कोतवाली क्षेत्र के भुवनपुरवा निवासी सुहेल (25) की बहन कामिनी को प्रसव पीड़ा के कारण शुक्रवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को प्रसव होना था। इस जानकारी पर सुहेल अपने बहनोई (कामिनी के पति) रमेश (32) के साथ शुक्रवार रात भुवनपुरवा पहुंचा था। शनिवार को सुहेल अपनी मां विद्यावती और बहनोई रमेश के साथ अस्पताल जा रहा था। इस दौरान हादसे में तीनों की मौत हो गई थी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए थे। अंतिम संस्कार के लिए रविवार सुबह न तो सूखी लकड़ी मिली और न ही अंतिम संस्कार स्थल। ऐसे में विद्यावती का शव दफन कर दिया गया। बेटे सुहेल का शव भी दफनाया गया। रमेश का दाह संस्कार हुआ।
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