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यूपी के ACP का अफेयर: न एसीपी मोहसिन खान और न ही पीएचडी छात्रा आई; राह देखती रही एसआईटी; पीड़िता ने कही ये बात
Sun, 29 Dec 2024 07:58 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 29 Dec 2024 07:58 AM IST
सार
एसआईटी के सामने न एसीपी मोहसिन आया और न ही पीएचडी छात्रा पहुंची। यौन शोषण मामले में शनिवार को एसआईटी के सामने दोनों को बयान दर्ज कराने आना था। एसीपी ने संदेश भेजा कि मुख्यालय के अधिकारियों की अनुमति के बाद बयान दर्ज कराएगा।
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UP ACP Mohsin khan Story
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईआईटी की पीएचडी छात्रा से यौन शोषण के मामले में नामजद एसीपी मोहसिन खान शनिवार को एसआईटी के सामने पेश नहीं हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसीपी की तरफ से कहा गया है कि वह पुलिस मुख्यालय लखनऊ में तैनात है, वहां के अफसरों की अनुमति मिलने पर ही एसआईटी के सामने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराएगा।
वहीं, पीड़ित छात्रा भी नहीं आई। उसकी तरफ से भी आरोपी एसीपी के बयान दर्ज करने के बाद ही अपना बयान दर्ज कराने की बात कही गई है। आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने तत्कालीन एसीपी कलक्टरगंज मोहसिन खान पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए कल्याणपुर थाने में 12 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके चलते एसीपी को लखनऊ पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। एसीपी मोहसिन 19 दिसंबर को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल करने पर स्टे ले आया था। इसी बीच पीएचडी छात्रा ने एसीपी और उसके अधिवक्ता गौरव दीक्षित के खिलाफ कल्याणपुर थाने में एक और एफआईआर दर्ज करा दी। इस मामले में एसीपी के बयान दर्ज करने के लिए एसआईटी ने उन्हें तलब किया।
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राह देखती रही एसआईटी की टीम
इसके लिए बाकायदा तीन बार नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। इसी के बाद एसीपी ने एसआईटी के एक सदस्य से संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराने की बात कही। शनिवार को मुख्य विवेचक एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह व उनकी टीम एसीपी के बयान दर्ज कराने के लिए आने की राह देखती रही, लेकिन वो नहीं आया।
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वहीं, पीड़ित छात्रा भी नहीं आई। उसकी तरफ से भी आरोपी एसीपी के बयान दर्ज करने के बाद ही अपना बयान दर्ज कराने की बात कही गई है। आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने तत्कालीन एसीपी कलक्टरगंज मोहसिन खान पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए कल्याणपुर थाने में 12 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसके चलते एसीपी को लखनऊ पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। एसीपी मोहसिन 19 दिसंबर को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल करने पर स्टे ले आया था। इसी बीच पीएचडी छात्रा ने एसीपी और उसके अधिवक्ता गौरव दीक्षित के खिलाफ कल्याणपुर थाने में एक और एफआईआर दर्ज करा दी। इस मामले में एसीपी के बयान दर्ज करने के लिए एसआईटी ने उन्हें तलब किया।
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राह देखती रही एसआईटी की टीम
इसके लिए बाकायदा तीन बार नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। इसी के बाद एसीपी ने एसआईटी के एक सदस्य से संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराने की बात कही। शनिवार को मुख्य विवेचक एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह व उनकी टीम एसीपी के बयान दर्ज कराने के लिए आने की राह देखती रही, लेकिन वो नहीं आया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसीपी की तरफ से कहा गया कि वह पुलिस मुख्यालय में तैनात है, वहां से संबंधित अफसर से अनुमति मिलने पर ही एसआईटी के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराएगा।
अब मुख्य विवेचक पुलिस मुख्यालय में तैनात एसीपी मोहसिन का बयान दर्ज करने के लिए उनके विभाग से संबंधित अफसर को पत्र भेजेंगी। वहीं, पीड़ित छात्रा भी नहीं पहुंची तो टीम ने फोन पर संपर्क किया। इस पर उसने एसीपी के बयान दर्ज होने के बाद खुद के बयान दर्ज कराने की बात कही है।
डीसीपी पश्चिम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि एसीपी विवेचक और एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए है। अब पुलिस मुख्यालय में जहां एसीपी तैनात हैं, वहां के अफसर को पत्र भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने पर एसीपी के बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद मामले में छात्रा के भी बयान दर्ज किए जाएंगे।