{"_id":"58caaf954f1c1b4f7d32b0c1","slug":"ncte-gave-notice-to-8177-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनसीटीई ने 8177 कॉलेजों को दिया नोटिस, जवाब नहीं दिया तो मान्यता खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनसीटीई ने 8177 कॉलेजों को दिया नोटिस, जवाब नहीं दिया तो मान्यता खत्म
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षकों की नियुक्ति, वेतनमान और शिक्षा की गुणवत्ता का ब्योरा न दे पाने वाले यूपी सहित देश के 8177 कॉलेजों को नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने नोटिस दिया है। इनमें कानपुर के भी करीब 200 कॉलेज हैं।
नोटिस में कहा है कि 17 अप्रैल तक जानकारी नहीं मिली तो मान्यता समाप्त की जाएगी। यह अंतिम नोटिस है। पूरी जानकारी वेबसाइट ncte-india.org पर देनी है। यूपी सहित देश में टीचिंग एजूकेशन (बीएड, एमएड, बीपीएड, एमपीएड, बीटीसी, एनटीटी सहित अन्य) के 15000 कॉलेज हैं। इन सबकी शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए गए। एनसीटीई से शिकायत हुई कि बगैर शिक्षकों के ही कॉलेज चल रहे हैं। इसी का नतीजा रहा कि नए कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगा दी गई। साथ शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जानकारी मांगी गई।
इसकी आखिरी डेट 17 मार्च रखी गई लेकिन 6823 कॉलेजों ने ही सूचना भेजी। इस पर एनसीटीई ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही गुरुवार को 8177 कॉलेजों को नोटिस जारी कर दिया। इसकी सूचना संबंधित राज्य विश्वविद्यालयों को भेजी गई है। कानपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन को जो नोटिस मिला है, उसके मुताबिक शिक्षक, स्टूडेंट का पूरा ब्योरा वेबसाइट पर डाला जाएगा। इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं रहेगी। एक शिक्षक एक ही कॉलेज में पढ़ा सकेंगे। कई जगह नाम अनुमोदित कराकर गायब रहने की समस्या खत्म होगी। यह समस्या कानपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध कई कॉलेजों में भी है। नई व्यवस्था से टीचिंग एजूकेशन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोटिस में कहा है कि 17 अप्रैल तक जानकारी नहीं मिली तो मान्यता समाप्त की जाएगी। यह अंतिम नोटिस है। पूरी जानकारी वेबसाइट ncte-india.org पर देनी है। यूपी सहित देश में टीचिंग एजूकेशन (बीएड, एमएड, बीपीएड, एमपीएड, बीटीसी, एनटीटी सहित अन्य) के 15000 कॉलेज हैं। इन सबकी शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए गए। एनसीटीई से शिकायत हुई कि बगैर शिक्षकों के ही कॉलेज चल रहे हैं। इसी का नतीजा रहा कि नए कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगा दी गई। साथ शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जानकारी मांगी गई।
विज्ञापन
इसकी आखिरी डेट 17 मार्च रखी गई लेकिन 6823 कॉलेजों ने ही सूचना भेजी। इस पर एनसीटीई ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही गुरुवार को 8177 कॉलेजों को नोटिस जारी कर दिया। इसकी सूचना संबंधित राज्य विश्वविद्यालयों को भेजी गई है। कानपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन को जो नोटिस मिला है, उसके मुताबिक शिक्षक, स्टूडेंट का पूरा ब्योरा वेबसाइट पर डाला जाएगा। इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं रहेगी। एक शिक्षक एक ही कॉलेज में पढ़ा सकेंगे। कई जगह नाम अनुमोदित कराकर गायब रहने की समस्या खत्म होगी। यह समस्या कानपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध कई कॉलेजों में भी है। नई व्यवस्था से टीचिंग एजूकेशन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन