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Kanpur News: नवरात्र कल से, हाथी पर सवार हो आएंगी मां, बरसाएंगी सुख-समृद्धि
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कानपुर। शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होंगे। इस बार तिथियों में वृद्धि के कारण नवरात्र का पर्व 10 दिनों तक चलेगा। 18 को महाअष्टमी और नवमी तिथि 19 व 20 अक्टूबर को होगी। 20 को ही दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इस बार देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जिसे सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और कृषि के लिए शुभ संकेत माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना की जाएगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग होने के कारण कलश स्थापना के लिए विशेष मुहूर्त का ध्यान रखना होगा। पं. द्विवेदी के अनुसार, 11 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 बजे तक घटस्थापना करना शुभ रहेगा। वहीं, चौघड़िया मुहूर्त सुबह 10:04 से 11:55 बजे तक बताया गया है।
ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी ने बताया कि देवी व्रत में कुमारी पूजन का विशेष महत्व है। सामर्थ्य के अनुसार नौ कुमारियों के चरण धोकर उन्हें देवी स्वरूप मानकर पूजा करने का विधान है। मान्यता के अनुसार एक कन्या के पूजन से ऐश्वर्य, दो से भोग व मोक्ष, तीन से धर्म-अर्थ-काम, चार से राज पक्ष से सम्मान, पांच से विद्या, छह से सभी सुख, सात से प्रतिष्ठित पद, आठ से धन-संपदा और नौ कन्याओं के पूजन से राज्य व प्रभुत्व की प्राप्ति होती है।
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ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना की जाएगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग होने के कारण कलश स्थापना के लिए विशेष मुहूर्त का ध्यान रखना होगा। पं. द्विवेदी के अनुसार, 11 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 बजे तक घटस्थापना करना शुभ रहेगा। वहीं, चौघड़िया मुहूर्त सुबह 10:04 से 11:55 बजे तक बताया गया है।
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ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी ने बताया कि देवी व्रत में कुमारी पूजन का विशेष महत्व है। सामर्थ्य के अनुसार नौ कुमारियों के चरण धोकर उन्हें देवी स्वरूप मानकर पूजा करने का विधान है। मान्यता के अनुसार एक कन्या के पूजन से ऐश्वर्य, दो से भोग व मोक्ष, तीन से धर्म-अर्थ-काम, चार से राज पक्ष से सम्मान, पांच से विद्या, छह से सभी सुख, सात से प्रतिष्ठित पद, आठ से धन-संपदा और नौ कन्याओं के पूजन से राज्य व प्रभुत्व की प्राप्ति होती है।
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