Mahoba Crime: पुलिस के हत्थे चढ़ा 'नटवरलाल', सिंचाई विभाग का अधिकारी बनकर की ठगी, चार लोगों से ठगे 21 लाख
Mahoba News: महोबा में किराये के मकान में रहकर लिपिक की नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ऐंठी थी। पुलिस ने आरोपी के पास से चार लोगों से ठगे गए 21 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
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महोबा जिले में खुद को सिंचाई विभाग का अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चार लोगों से ठगे गए 21 लाख रुपये बरामद हुए हैं। आरोपी रावेंद्र सिंह यादव जनपद फतेहपुर का निवासी है।
वो महोबा में एक किराये के मकान में रहकर एमआर का काम करता था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा है। थाना कबरई के बम्हौरीकाजी निवासी कोमल सिंह शहर के सुभाष नगर में किराये के मकान में रहता है। इसी मकान में रावेंद्र सिंह यादव भी रहता था।
दोनों में मेल-मिलाप बढ़ने पर आरोपी रावेंद्र सिंह ने खुद को सिंचाई विभाग का अधिकारी बताते हुए सचिवालय में पहुंच होने की बात कही और सिंचाई विभाग में लिपिक के पद पर नौकरी दिलाने के एवज में 5.25 लाख ऐंठ लिए। इसी तरह महेश, स्नेहलता व शिवम सिंह से भी इतनी-इतनी रकम ले ली और फरार हो गया।
आरोपी ने दो वर्ष को मेडिकल कोर्स किया है
पीड़ितों ने शहर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता ने पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी रावेंद्र सिंह भीमराव आंबेडकर मेडिकल कॉलेज फतेहपुर से दो वर्ष का मेडिकल कोर्स किए है।
नौकरी दिलाने का देता था झांसा
इस समय वह व्रोविन बॉयोलॉजिस्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर महोबा शहर में कार्य कर रहा था। 15 दिसंबर को उसने सुभाष नगर में किराये का कमरा लिया और चार लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 21 लाख रुपये ठग लिए।
कोतवाली प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को प्राइवेट बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से ठगी के 21 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अन्य धाराओं को बढ़ाकर करते हुए जेल भेजा गया है।
इस तरह ठगी का शिकार बनाता था आरोपी
आरोपी रावेंद्र सिंह खुद को सिंचाई विभाग का अधिकारी बताता था और सचिवालय में पहुंच होने की बात कहता था। वो जारी ऑनलाइन रिजल्टों में चयनित आवेदकों के नाम के स्थान पर एडिट करते हुए आरोपी ठगी का शिकार बनाने वाले लोगों के नाम लिखकर रिजल्ट दे देता था।
पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा
इसके एवज में प्रत्येक पीड़ित से 5.25 लाख रुपये नकद ठगी करता था। बता दें कि आरोपी पर जनपद फतेहपुर के असोथर थाने में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।