फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Naresh had fielded a Brahmin candidate on the advice of Mulayam, Akhilesh Yadav had won the election for the f

Hardoi: नरेश ने मुलायम के कहने पर उतारा था ब्राह्मण प्रत्याशी, पहली बार चुनाव लड़कर जीते थे अखिलेश यादव

Sun, 24 Mar 2024 09:38 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 24 Mar 2024 09:38 AM IST
सार

Hardoi News: किताब में जिक्र है कि प्रतिमा चतुर्वेदी को चुनाव लड़ाने की घोषणा की गई। नामांकन के बाद प्रचार शुरू हुई, लेकिन भाजपा के दिग्गज नेता राम प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में भाजपा के लोगों ने एक तरीके से असहयोग कर दिया। उक्त चुनाव में बसपा ने अकबर अहमद डंपी को मैदान में उतारा था।

विज्ञापन
Naresh had fielded a Brahmin candidate on the advice of Mulayam, Akhilesh Yadav had won the election for the f
नरेश अग्रवाल और मुलायम सिंह यादव हरदोई में एक कार्यक्रम के दौरान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरदोई जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुनावी कैरियर की शुरूआत में दिग्गज नेता नरेश अग्रवाल का अहम किरदार रहा है। वर्ष 2000 में हुए कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव में तत्कालीन लोकतांत्रिक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे नरेश अग्रवाल ने मुलायम सिंह यादव के कहने पर अखिलेश यादव को चुनाव जिताने के लिए उनके हिसाब से ही पार्टी का प्रत्याशी मैदान में उतारा था।

विज्ञापन

इस पूरे सियासी किस्से का जिक्र नरेश अग्रवाल के राजनीतिक पचास वर्ष पुस्तक में भी है। यह पुस्तक देवकी नंदन मिश्र ने नरेश अग्रवाल से संवाद के आधार पर लिखी है। पुस्तक में एक सियासी किस्सा जब नेता जी के कहने पर अखिलेश यादव को पहला चुनाव जितवाया शीर्षक से भी है।
विज्ञापन

 

इसमें उल्लेख है कि वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और लोकतांत्रिक कांग्रेस के बीच गठबंधन था। इसके तहत हरदोई, मिश्रिख, कन्नौज और मुरादाबाद सीट लोकतांत्रिक कांग्रेस को मिली थी। कन्नौज से मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ रहे थे और उनके खिलाफ लोकतांत्रिक कांग्रेस ने अरविंद प्रताप को मैदान में उतारा।  दूसरी सीट से भी चुनाव जीत जाने के कारण बाद में मुलायम सिंह यादव ने कन्नौज सीट से इस्तीफा दे दिया।

अटल बिहारी वाजपेयी से कन्नौज सीट से प्रत्याशी उतारने से इनकार कर दिया
उपचुनाव की घोषणा हुई और साल 2000 में चुनावी तैयारी शुरू हो गई।  किताब में दावा है कि तब के ऊर्जा मंत्री नरेश अग्रवाल को पता चला कि इस सीट से मुलायम सिंह अब अखिलेश यादव को लड़ाना चाहते हैं। इसके चलते नरेश अग्रवाल ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से कन्नौज सीट से प्रत्याशी उतारने से इंकार कर दिया।

विज्ञापन

सीट तुम्हें लेनी है और किसी ब्राह्मण को चुनाव लड़ा दो
इसका पता मुलायम सिंह यादव को चला, तो उन्होंने फोन कर पूछा कि नरेश क्या तुमने कन्नौज की सीट छोड़ दी है।  हां का जवाब मिलने पर मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सीट तुम्हें लेनी है और किसी ब्राह्मण को चुनाव लड़ा दो। असमंजस के बीच नरेश अग्रवाल के फिर से अटल जी से मिलने और कन्नौज सीट मांगकर यहां से प्रतिमा चतुर्वेदी को चुनाव लड़ाने का उल्लेख भी किताब में किया गया है।

भाजपा के लोगों ने एक तरह से असहयोग कर दिया था
किताब में जिक्र है कि प्रतिमा चतुर्वेदी को चुनाव लड़ाने की घोषणा की गई। नामांकन के बाद प्रचार शुरू हुई, लेकिन भाजपा के दिग्गज नेता राम प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में भाजपा के लोगों ने एक तरीके से असहयोग कर दिया। उक्त चुनाव में बसपा ने अकबर अहमद डंपी को मैदान में उतारा था। किताब में एक और किस्से का जिक्र करते हुए नरेश अग्रवाल ने दावा किया है कि उक्त चुनाव में अधिकांश मुस्लिम मतदाताओं ने डंपी को वोट दिया था, लेकिन अखिलेश यादव जीतने में कामयाब रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed