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नारद जयंती: जानिए सभी विधाओं के ज्ञाता देवर्षि नारद के बारे में ये बातें
शिखा पांडेय, कानपुर
Updated Wed, 02 May 2018 03:00 PM IST
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देवर्षि नारद सृष्टि के पहले ऐसे संदेश वाहक थे जो एक लोक से दूसरे लोक तक खबरे पहुंचाने का काम करते थे। उन्हें सृष्टि का पहला पत्रकार माना जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु को खुश करने के लिए नारद जी की पूजा करना आवश्यक है।
पं. नरेंद्र दीक्षित बता रहे हैं नारद मुनि से जुड़ी कुछ बातें...
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पं. नरेंद्र दीक्षित बता रहे हैं नारद मुनि से जुड़ी कुछ बातें...
देवर्षि नारद के बारे में जानें ये बातें
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- नारद मुनि का आदर केवल देवता ही नहीं असुर भी करते थे।
- नारद जी ने ब्रह्मर्षि का पद प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी।
- नारद मुनि ब्रह्मा के सात मानस पुत्रों में से एक हैं।
- वे भगवान विष्णु के भक्त थे इसलिए सदैव नारायण-नारायण की नाम की माला जपते रहते थे।
- नारद जी ने ब्रह्मर्षि का पद प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी।
- नारद मुनि ब्रह्मा के सात मानस पुत्रों में से एक हैं।
- वे भगवान विष्णु के भक्त थे इसलिए सदैव नारायण-नारायण की नाम की माला जपते रहते थे।
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- नारद ज्ञानी होने के साथ-साथ तपस्वी भी थे।
- मान्यता है कि नारद जी के श्राप के कारण ही भगवान राम को सीता के वियोग का सामना करना पड़ा।
- वाल्मीकि को रामायण लिखने की प्रेरणा नारद जी ने ही दी थी।
- नारद भक्ति से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं।
- मान्यता है कि नारद जी के श्राप के कारण ही भगवान राम को सीता के वियोग का सामना करना पड़ा।
- वाल्मीकि को रामायण लिखने की प्रेरणा नारद जी ने ही दी थी।
- नारद भक्ति से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं।