कानपुर। कुछ फिल्में केवल पर्दे पर दिखाई गई कहानी तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनसे जुड़ी यादें कलाकारों के मन में जीवन भर बनी रहती हैं। मेरे लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म दीक्षा ऐसी ही एक यादगार फिल्म है जिसमें मुझे शास्त्री की भूमिका निभाने का सौभाग्य मिला था। इस दौरान नाना पाटेकर के साथ भी समय बिताने और बहुत कुछ सीखने का मौका मिला था। ये यादें साझा कीं साकेतनगर स्थित डब्ल्यू ब्लॉक निवासी आनंद दीक्षित ने।
आनंद ने बताया कि फिल्म में नाना पाटेकर ने कोगा पंडित की मुख्य भूमिका निभाई थी। इसकी शूटिंग मंगलोर के पास गांव में हुई थी। इस दौरान उन्हें नाना पाटेकर के अभिनय और अपने किरदार के प्रति समर्पण को करीब से देखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि शूटिंग स्थल पर जाते समय पहली बार नाना पाटेकर से एक ही गाड़ी में मुलाकात हुई थी। वह अपने किरदार की पारंपरिक वेशभूषा में थे। शूटिंग स्थल से करीब दो किलोमीटर पहले ही वह गाड़ी से उतर गए और उसी वेश में पैदल चलकर सेट तक पहुंचे। इतना ही नहीं वह लगातार करीब पांच दिनों तक उसी गेटअप में रहे। आनंद के मुताबिक नाना पाटेकर का यह अंदाज उनके लिए खास अनुभव था। इससे उन्होंने सीखा कि किसी पात्र को जीवंत बनाने के लिए संवादों के साथ उसकी चाल-ढाल और हाव-भाव को आत्मसात करना भी जरूरी है। आनंद दीक्षित कई टीवी सीरियल में भी काम कर चुके हैं। फिलहाल वह अपना कारोबार कर रहे हैं।