Murder of Transporter: तमंचे से ताबड़तोड़ गोलियां मारीं, कूड़े के ढेर में फेंका शव, पहली पत्नी और बेटा फरार
Unnao Crime: ट्रांसपोर्टर मृतक पवन कुमार के छोटे भाई पंकज ने बताया कि दो शादियां करने के बाद भी भाई दोनों परिवारों का पूरा ख्याल रखते थे। पहली पत्नी नीलम की तीन बेटियों में राधा, सोनम और कल्पना हैं। इसमें राधा की करीब एक साल पहले धूमधाम से शादी की थी।
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उन्नाव जिले में सदर कोतवाली के रामनगर मोहल्ले में संपत्ति के लिए उसके, अपनों ने ही मौत के घाट उतार दिया। गुनाह छिपाने की कोशिश में शव को कूड़े के ढेर में फेंक दिया। कत्ल में तब्दील हुई खून के रिश्तों के बीच की दुश्मनी की नींव 13 साल पहले तब पड़ी थी जब ट्रांसपोर्टर ने दूसरी शादी कर ली थी। कानपुर नगर के थाना महराजपुर के गांव भदासा के मूल निवासी ट्रांसपोर्टर पवन कुमार के पिता यदुनंदन सिंह पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल थे।
इसी सदर कोतवाली से सेवा निवृत्त हुए थे। मृतक के छोटे भाई पंकज ने बताया कि बड़े भाई पवन का विवाह उन्नाव में ही होने से वह रामनगर में बनवाए गए मकान में रहने लगे थे। उनकी शादी सदर कोतवाली के गांव अजीतनगर निवासी नीलम से हुई थी। एक बेटा प्रदीप यादव उर्फ भूरा (अब हत्यारोपी) और तीन बेटी थीं। वर्ष 2009 पवन (अब मृतक) की, पत्नी नीलम की ममेरी बहन जमुना से नजदीकी हो गई।
दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया
पत्नी नीलम ने विरोध किया, लेकिन पवन पर कोई असर नहीं पड़ा। पति से विवाद होने पर नीलन में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। जेल से छूटने पर पवन ने पत्नी से तलाक ले लिया और न्यायालय ने निर्णय के अनुसार वह पत्नी नीलम और बेटे प्रदीप यादव उर्फ भूरा को हर महीने में छह-छह हजार रुपये गुजारा भत्ता देता था। पवन ने वर्ष 2010 में जमुना से दूसरी शादी कर ली और शिवनगर में मकान बनाकर रहने लगा।
घर के अंदर ही बेटे और पत्नी मिलकर उसकी हत्या कर दी
वहीं, पहली पत्नी और बेटा रामनगर मोहल्ले में पुराने मकान में रह रहे थे। तीनों बेटियों को गांव अपनी मां गुलाबदेई के पास भेज दिया था। दूसरी पत्नी जमुना से एक बेटा कुनाल और बेटी शालू है। कुछ साल से बेटे प्रदीप से ट्रक व अन्य संपत्ति और व्यवसाय के लिए रुपयों की मांग को लेकर विवाद रहता था। बेटा और पत्नी होने के नाते नीलम और प्रदीप का पवन से मनमुटाव लगातार बढ़ता गया और शनिवार रात को विवाद इतना बढ़ा कि घर के अंदर ही बेटे और पत्नी मिलकर उसकी हत्या कर दी।
आरसी देने के बहाने बेटे ने बुलाया था
मृतक पवन ट्रांसपोर्ट का काम करता था। कुछ साल पहले तक उसके पास छह ट्रक थे,हालांकि इस समय तीन ही बचे हैं। भाई पंकज ने बताया कि तीन दिन पहले तीनों ट्रक को ईंटे लेकर फतेहपुर भेजा था। ओवरलोड होने के कारण बांदा जिले में कोतवाली पुलिस ने ट्रकों सीज कर दिया था। कुछ दिन पहले पवन की अपाचे बाइक प्रदीप जबरन लेकर चला गया था। ट्रकों को छुड़वाने के लिए बाइक की भी आरसी लगानी थी। शनिवार शाम करीब सात बजे पवन ने बेटे प्रदीप को फोन किया तो उसने घर आकर आरसी ले जाने को कहा। जब वह उसके पास पहुंचा तो विवाद के बाद हत्या कर दी।
रात में मची थी चीख पुकार
मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को बताया कि रात करीब एक बजे घर में चीख पुकार आवाजें आ रही थीं। लेकिन जब भी पिता पवन यहां आता था बेटे प्रदीप से विवाद होता था। पवन भी शराब पीता था और बेटा भी नशे का आदी है। इससे लोगों ने ध्यान नहीं दिया। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को बताया कि प्रदीप अक्सर नशे में फायरिंग किया करता था। कई बार वह जेल भी जा चुका है। इसलिए उसके बीच में कोई नहीं पड़ता था।
बच्चों के सिर से उठ गया साया
पवन कुमार यादव की हत्या के बाद सिर्फ एक परिवार नहीं बल्कि दो परिवार तबाह हो गए। दो पत्नियों का सुहाग उजड़ गया। मृतक की पहली पत्नी नीलम और दूसरी पत्नी जमुना आपस में ममेरी बहने हैं। इसमें पहली पत्नी के चार बच्चे और दूसरी के दो बच्चे हैं। ऐसे में पवन की हत्या से सिर्फ एक परिवार ही नहीं बल्कि दो परिवार बर्बाद हो गए। पत्नियों का सुहाग उजडऩे के साथ बच्चे भी अनाथ हो गए। वहीं बड़े बेटे का शव देख मां गुलाब देई बेहाल है।
पहली पत्नी की बड़ी बेटी का एक साल पहले किया था विवाह
ट्रांसपोर्टर मृतक पवन कुमार के छोटे भाई पंकज ने बताया कि दो शादियां करने के बाद भी भाई दोनों परिवारों का पूरा ख्याल रखते थे। पहली पत्नी नीलम की तीन बेटियों में राधा, सोनम और कल्पना हैं। इसमें राधा की करीब एक साल पहले धूमधाम से शादी की थी। दोनों पत्नियों के बच्चे जो मांगते थे वह लाकर देते थे। नीलम का बेटा प्रदीप पहले भी कई बार भाई का मारने की धमकी दे चुका था।
दूसरी पत्नी बोली- जो कहा वह कर दिया
ट्रांसपोर्टर पवन कुमार की दूसरी पत्नी जमुना ने बताया कि पहली पत्नी के बेटे प्रदीप उर्फ भूरा ने जो कहा वह कर दिखाया। वह पहले भी कई बार पति की हत्या करने की धमकी दे चुका था। छह महीने पहले भी उसने पति के साथ हाथापाई की थी। गला दबाकर मारने का प्रयास किया था। लेकिन लोगों ने बचा लिया था। तब उसने हत्या करने की धमकी दी थी। जो उसने कहा था वही कर दिखाया। जबकि पति महीना पूरा होते ही दोनों मां बेटे को कोर्ट कहने पर गुजारा भत्ता दे देते थे। उसके बाद भी उसने अपने ही पिता की हत्या कर दी।