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मुंह पर तकिया रख कर मां को मार डाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 06 May 2017 06:42 AM IST
सार
-मुंह पर तकिया रख कर साफी से गला घोंट दिया, सुबह हुआ फरार
- मारने के बाद 11 घंटे घर पर रहा नशेबाज बेटा
- नौ वर्षीय नातिन ने खोला राज, रात भर रोती रही
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डेमो
विस्तार
नशे में धुत इकलौते बेटे ने बीमार वृद्ध मां की गला घोंट कर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद करीब 11 घंटेे तक आरोपी घर पर मौजूद रहा। आरोपी ने सुबह अपने साले को फोन कर बताया कि उसकी मां नहीं रही। इतना कह कर फोन काट दिया इसके बाद से आरोपी फरार हो गया। पहले मोहल्ले के लोगों और फिर मृतका की नातिन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मुख्यालय के गौरादेवी नईबस्ती मोहल्ला निवासी बुधिया (65) कैंसर रोग से पीड़ित थी। करीब 15 साल पहले बुधिया का पति फूलसिंह घर छोड़कर चला गया था। बुधिया अपने इकलौते पुत्र मनोज निषाद, उसकी पत्नी ममता व तीन नातियों आकांक्षा (9), पुत्र अभय (5) व वीर (3) के साथ रहते थी। मनोज की पुत्री आकांक्षा ने बताया कि उसके पिता चार पहिया वाहन चलाकर घर का भरण पोषण करते हैं। बताया कि गुरुवार की रात करीब 10 उसके पिता शराब के नशे में घर आए।
उससे बोले कि बिस्तर बिछाओ। इस पर वह बिस्तर बिछाने चली गई तभी पापा ने चारपाई पर लेटी दादी के ऊपर एक तकिया रखी और साफी से उनका गला घोंट दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद पापा नशे के कारण सो गया। जबकि वह रातभर दादी के शव के पास बैठी रोती रही। बताया कि शुक्रवार की सुबह पापा को होश आया तब पापा ने मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिमौली गांव स्थित अपनी ससुराल में मामा दीपक को मोबाइल पर सूचना दी कि उसकी मां नहीं रही है। इसी के साथ पापा ने फोन काट दिया। बताया कि इसी के बाद वह घर से चला गया। मोहल्ले के लोगों की सूचना पर कोतवाल पीके सिंह मौके पहुंचे। जिन्होंने मौके की जांच पड़ताल करने के बाद बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने व तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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शराब पीने के बाद आपा खो देता है पति
शराबी पति की प्रताड़ना से तंग पत्नी दो सप्ताह पूर्व दो मासूम पुत्रों को लेकर मायके चली गई थी। जबकि उसकी बड़ी नौ वर्षीय पुत्री दादी व पापा के साथ रुक गई थी। मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिमौली गांव निवासी ममता की 10 पूर्व मुख्यालय के गौरादेवी नईबस्ती निवासी मनोज निषाद के साथ शादी हुई थी। पेशे से चालक होने के कारण मनोज नशे का आदी हो गया। पत्नी ममता ने बताया कि उसका पति नशे में होने के बाद आपा खो देता है। बताया कि उसके साथ आए दिन मारपीट कर उसका उत्पीड़न करता है। यह भी बताया कि 15 दिन पहले घर की बातों को लेकर उसने उसे जमकर मारापीटा। जिससे चलते वह अपने दो मासूम पुत्रों को लेकर मायके चली गई। जहां वह मां व पिता के साथ रही थी। बड़ी पुत्री आकांक्षा को यहीं छोड़ गई थी। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे उसके भाई दीपक के मोबाइल पर उसके पति का फोन आया जिस पर उसने मां की मौत होने की सूचना दी। और फोन काट दिया। कहा कि उसकी सास बहुत ही सज्जन स्वभाव की थी वह कैंसर रोग से पीड़ित थी जिसका कानपुर में इलाज चल रहा था। घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
कैंसर पीड़ित मां चलाती थी दुकान
मृतका की बहू ममता ने बताया कि तीन माह पूर्व ही उसकी सास को कैंसर हुआ था। जिसका इलाज कानपुर में चल रहा था। घर के पास ही हाईवे पर उसकी सास गुटखा मसाला की दुकान चलाती थी। उसने भी सास के साथ उन्हीं के पास चाय व नाश्ते की दुकान खोल ली थी। इससे घर का आसानी से खर्चा चल रहा था।
सजा दिलवाकर दम लेगी
बुधिया की बहू के अनुसार पति ने उसकी सास को मारकर घिनौना कार्य किया है। वह उसे सजा दिलवाकर ही दम लेगी। घटना की वजह पूछने पर बताया कि वह नशे का आदी है। बताया कि मकान के सिवा उसके पास दूसरी और कोई संपत्ति भी नहीं है। कहा कि सास के मरने के बाद सब कुछ उसी का तो था। फिर भी सास को मार डाला।
इलाज का खर्च तो नहीं हत्या का कारण!
हो सकता है कि कैंसर पीड़ित मां के इलाज का खर्च उठाने से शराब पीने में आ रही बाधा के चलते शराबी बेटे ने उसकी हत्या की हो। फिलहाल लोगों के जेहन में यह बात कौंध रही है कि आखिर शराबी बेटे ने मां को क्यों मार डाला। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ.पीके गुप्ता कहते हैं कि सरकारी अस्पताल में तो मुफ्त इलाज होता है। अगर कोई कैंसर पीड़ित प्राइवेट इलाज कराता है तो कम से कम सिकाई कराने में ही 1500 रुपये खर्च आता है। साथ ही दवाओं में करीब पांच हजार रुपये एक बार में खर्च हो जाते हैं।
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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मुख्यालय के गौरादेवी नईबस्ती मोहल्ला निवासी बुधिया (65) कैंसर रोग से पीड़ित थी। करीब 15 साल पहले बुधिया का पति फूलसिंह घर छोड़कर चला गया था। बुधिया अपने इकलौते पुत्र मनोज निषाद, उसकी पत्नी ममता व तीन नातियों आकांक्षा (9), पुत्र अभय (5) व वीर (3) के साथ रहते थी। मनोज की पुत्री आकांक्षा ने बताया कि उसके पिता चार पहिया वाहन चलाकर घर का भरण पोषण करते हैं। बताया कि गुरुवार की रात करीब 10 उसके पिता शराब के नशे में घर आए।
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उससे बोले कि बिस्तर बिछाओ। इस पर वह बिस्तर बिछाने चली गई तभी पापा ने चारपाई पर लेटी दादी के ऊपर एक तकिया रखी और साफी से उनका गला घोंट दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद पापा नशे के कारण सो गया। जबकि वह रातभर दादी के शव के पास बैठी रोती रही। बताया कि शुक्रवार की सुबह पापा को होश आया तब पापा ने मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिमौली गांव स्थित अपनी ससुराल में मामा दीपक को मोबाइल पर सूचना दी कि उसकी मां नहीं रही है। इसी के साथ पापा ने फोन काट दिया। बताया कि इसी के बाद वह घर से चला गया। मोहल्ले के लोगों की सूचना पर कोतवाल पीके सिंह मौके पहुंचे। जिन्होंने मौके की जांच पड़ताल करने के बाद बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने व तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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शराब पीने के बाद आपा खो देता है पति
शराबी पति की प्रताड़ना से तंग पत्नी दो सप्ताह पूर्व दो मासूम पुत्रों को लेकर मायके चली गई थी। जबकि उसकी बड़ी नौ वर्षीय पुत्री दादी व पापा के साथ रुक गई थी। मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिमौली गांव निवासी ममता की 10 पूर्व मुख्यालय के गौरादेवी नईबस्ती निवासी मनोज निषाद के साथ शादी हुई थी। पेशे से चालक होने के कारण मनोज नशे का आदी हो गया। पत्नी ममता ने बताया कि उसका पति नशे में होने के बाद आपा खो देता है। बताया कि उसके साथ आए दिन मारपीट कर उसका उत्पीड़न करता है। यह भी बताया कि 15 दिन पहले घर की बातों को लेकर उसने उसे जमकर मारापीटा। जिससे चलते वह अपने दो मासूम पुत्रों को लेकर मायके चली गई। जहां वह मां व पिता के साथ रही थी। बड़ी पुत्री आकांक्षा को यहीं छोड़ गई थी। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे उसके भाई दीपक के मोबाइल पर उसके पति का फोन आया जिस पर उसने मां की मौत होने की सूचना दी। और फोन काट दिया। कहा कि उसकी सास बहुत ही सज्जन स्वभाव की थी वह कैंसर रोग से पीड़ित थी जिसका कानपुर में इलाज चल रहा था। घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
कैंसर पीड़ित मां चलाती थी दुकान
मृतका की बहू ममता ने बताया कि तीन माह पूर्व ही उसकी सास को कैंसर हुआ था। जिसका इलाज कानपुर में चल रहा था। घर के पास ही हाईवे पर उसकी सास गुटखा मसाला की दुकान चलाती थी। उसने भी सास के साथ उन्हीं के पास चाय व नाश्ते की दुकान खोल ली थी। इससे घर का आसानी से खर्चा चल रहा था।
सजा दिलवाकर दम लेगी
बुधिया की बहू के अनुसार पति ने उसकी सास को मारकर घिनौना कार्य किया है। वह उसे सजा दिलवाकर ही दम लेगी। घटना की वजह पूछने पर बताया कि वह नशे का आदी है। बताया कि मकान के सिवा उसके पास दूसरी और कोई संपत्ति भी नहीं है। कहा कि सास के मरने के बाद सब कुछ उसी का तो था। फिर भी सास को मार डाला।
इलाज का खर्च तो नहीं हत्या का कारण!
हो सकता है कि कैंसर पीड़ित मां के इलाज का खर्च उठाने से शराब पीने में आ रही बाधा के चलते शराबी बेटे ने उसकी हत्या की हो। फिलहाल लोगों के जेहन में यह बात कौंध रही है कि आखिर शराबी बेटे ने मां को क्यों मार डाला। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ.पीके गुप्ता कहते हैं कि सरकारी अस्पताल में तो मुफ्त इलाज होता है। अगर कोई कैंसर पीड़ित प्राइवेट इलाज कराता है तो कम से कम सिकाई कराने में ही 1500 रुपये खर्च आता है। साथ ही दवाओं में करीब पांच हजार रुपये एक बार में खर्च हो जाते हैं।