{"_id":"691068499f6f4143d5015049","slug":"murder-accused-shot-dead-in-hardoi-2025-11-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: 'जिसकी वजह से जाना पड़ा था जेल, उसी से फिर हुईं नजदीकियां', कत्ल के आरोपी का अब हुआ मर्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 'जिसकी वजह से जाना पड़ा था जेल, उसी से फिर हुईं नजदीकियां', कत्ल के आरोपी का अब हुआ मर्डर
Sun, 09 Nov 2025 03:39 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हरदोई
अमर उजाला नेटवर्क, हरदोई
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 09 Nov 2025 03:39 PM IST
सार
कोतवाली क्षेत्र के भगवंतापुर निवासी वीरेंद्र (33) खेती करता था। 28 अगस्त 2020 को गांव निवासी सर्वेश की हत्या हो गई थी। वीरेंद्र और उसके पिता मुन्ना पर हत्या का आरोप लगा था। हत्या के अगले ही दिन 29 अगस्त को दोनों को जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन
hardoi murder
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरदोई में पांच साल पहले हुई हत्या के आरोपी की कनपटी और सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव शनिवार को कोतवाली क्षेत्र के गढ़ीहार से खेरवा जाने वाली सड़क पर महुआ बाबा के स्थान से 50 मीटर दूर पड़ा मिला। हत्या का आरोपी तीन साल पहले जमानत पर जेल से छूटा था। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने भी मौका मुआयना किया।
कोतवाली क्षेत्र के भगवंतापुर निवासी वीरेंद्र (33) खेती करता था। 28 अगस्त 2020 को गांव निवासी सर्वेश की हत्या हो गई थी। वीरेंद्र और उसके पिता मुन्ना पर हत्या का आरोप लगा था। हत्या के अगले ही दिन 29 अगस्त को दोनों को जेल भेज दिया गया था।
वीरेंद्र की जमानत तीन साल पहले हुई थी। मुन्ना अभी जेल में ही है। शनिवार दोपहर बाद वीरेंद्र का शव गढ़ीहार से खेरवा जाने वाली सड़क पर महुआ बाबा के स्थान से लगभग 50 मीटर दूर पड़ा मिला। उसकी कनपटी और सीने में गोली लगी थी। लगभग 20 मीटर दूर उसकी चप्पलें पड़ी थीं। पास ही झाड़ियों में उसका नीले रंग का गमछा पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के भगवंतापुर निवासी वीरेंद्र (33) खेती करता था। 28 अगस्त 2020 को गांव निवासी सर्वेश की हत्या हो गई थी। वीरेंद्र और उसके पिता मुन्ना पर हत्या का आरोप लगा था। हत्या के अगले ही दिन 29 अगस्त को दोनों को जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन
वीरेंद्र की जमानत तीन साल पहले हुई थी। मुन्ना अभी जेल में ही है। शनिवार दोपहर बाद वीरेंद्र का शव गढ़ीहार से खेरवा जाने वाली सड़क पर महुआ बाबा के स्थान से लगभग 50 मीटर दूर पड़ा मिला। उसकी कनपटी और सीने में गोली लगी थी। लगभग 20 मीटर दूर उसकी चप्पलें पड़ी थीं। पास ही झाड़ियों में उसका नीले रंग का गमछा पड़ा था।
विज्ञापन
गांववालों से शव पड़ा होने की जानकारी पाकर चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में कोतवाल ओम प्रकाश सरोज फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। शव की तलाशी जेब से एक पर्ची, तंबाकू की पुड़िया और एक चिलम मिली। पर्ची पर कुछ नाम और नौ मोबाइल नंबर लिखे हैं।
इनमें एक नंबर सर्वेश की पत्नी का है। वीरेंद्र के पास मोबाइल नहीं था। मौके पर पहुंचे मृतक के चाचा छोटेलाल ने हत्या में एक महिला पर शक जताया लेकिन तहरीर अज्ञात के खिलाफ दी। छोटेलाल ने बताया कि वीरेंद्र शुक्रवार शाम घर से निकला था। उसके बाद हत्या की जानकारी मिली।
एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह और सीओ अजीत चौहान ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। खुलासे के लिए सीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम लगाई गई है।
जिसकी वजह से जाना पड़ा जेल, उसी से फिर हुईं नजदीकियां
मृतक के चाचा छोटेलाल ने पुलिस के सामने बताया कि गांव निवासी सर्वेश की पत्नी से वीरेंद्र की नजदीकियां थीं। इसी को लेकर 28 अगस्त को वीरेंद्र और सर्वेश का झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान वीरेंद्र के पिता मुन्ना भी वहां पहुंच गए थे। झगड़े के दौरान चाकू लगने से सर्वेश की मौत हो गई थी। सर्वेश की पत्नी की तहरीर पर वीरेंद्र और मुन्ना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
मृतक के चाचा छोटेलाल ने पुलिस के सामने बताया कि गांव निवासी सर्वेश की पत्नी से वीरेंद्र की नजदीकियां थीं। इसी को लेकर 28 अगस्त को वीरेंद्र और सर्वेश का झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान वीरेंद्र के पिता मुन्ना भी वहां पहुंच गए थे। झगड़े के दौरान चाकू लगने से सर्वेश की मौत हो गई थी। सर्वेश की पत्नी की तहरीर पर वीरेंद्र और मुन्ना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
सर्वेश की हत्या के बाद उसकी पत्नी दूसरे गांव में जाकर एक शख्स के साथ रहने लगी थी। जेल से छूटने के बाद वीरेंद्र पंजाब में अपनी बुआ मालती के पास चला गया था। आठ माह पहले गांव आया था। तब से उसकी नजदीकियां फिर से सर्वेश की पत्नी से हो गई थीं।