Dengue in Kanpur: नगर निगम कर्मी की बुखार से मौत, 65 नए डेंगू पॉजिटिव मिले, बिल्हौर एसडीएम भी संक्रमित
उत्तर प्रदेश के कानपुर में डेंगू का हमला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को 65 और डेंगू के मरीज मिले हैं। इनमें से 23 मरीज भर्ती किए गए हैं। वहीं, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की जांच में बिल्हौर एसडीएम को भी डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
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कानपुर में नगर निगम कर्मचारी की इलाज के दौरान शुक्रवार बुखार से मौत हो गई। डेंगू की आशंका जताई गई है। वहीं, शहर में 65 और डेंगू संक्रमित मिले हैं। हैलट इमरजेंसी, बाल रोग चिकित्सालय में डेंगू जैसे लक्षणों वाले 23 मरीज भर्ती किए गए।
वहीं, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच में बिल्हौर एसडीएम रश्मि लांबा को भी डेंगू होने की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू जैसे लक्षणों वाले 202 मरीजों के नमूनों की जांच हुई, जिनमें से 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई।
इस प्रकार इस लैब की जांच में 14.36 प्रतिशत पॉजिटिव रेट रहा। इसी प्रकार उर्सला की लैब में बुखार के 185 मरीजों की जांच हुई, जिनमें से 36 मरीजों को डेंगू होने का पता चला। कांशीराम डेडीकेटेड हॉस्पिटल में 17 नवंबर को भर्ती कराए गए डेंगू जैसे लक्षणों वाले मरीज की शुक्रवार को जांच हुई, उसे भी डेंगू होने की पुष्टि हुई।
उधर, मंधना निवासी नगर निगम के ट्रैक्टर चालक अमित (40) की क्षेत्र के एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी ड्यूटी शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए ट्रैक्टर-टैंकर से सड़कों पर पानी का छिड़काव करने में लगी थी। नगर निगम के उद्यान अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि अमित को बुखार आ रहा था।
हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे क्षेत्र के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएमओ के अनुसार, जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, उनमें से 33 नगर के और 32 अन्य जिलों के हैं। नगर में सक्रिय मरीज 157 हैं। जिन क्षेत्रों में मरीज मिले, वहां एंटी लार्वा छिड़काव के साथ ही फॉगिंग कराई गई।
9335301096 पर दें बुखार के मरीजों की सूचना
सीएमओ के अनुसार, डेंगू के मरीजों के मद्देनजर उर्सला अस्पताल के कंट्रोल रूम की सक्रियता बढ़ाई गई है। नगर जिले में कहीं भी बुखार, डेंगू, मलेरिया के मरीज मिलें तो कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9335301096 पर सूचना दी जा सकती है। इस कंट्रोल रूम में जिन मोहल्लों, गांवों से मरीजों की सूचना आ रही है, वहां टीमें भेजकर कार्रवाई की जा रही है।