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Kanpur News: नगर निगम... मुख्य अभियंंता भी जांच के घेरे में, नजदीकी चला रहे चार फर्में
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कानपुर। नगर निगम में हर-रोज भ्रष्टाचार की नई परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस को मिली शिकायतों से अब मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी भी जांच के घेरे में आ गए हैं। आरोप है कि मुख्य अभियंता के नजदीकी चार फर्में चला रहे हैं। पुलिस के मुताबिक मेहताब इंटरप्राइजेज लखनऊ, बजरंग ट्रेडर्स, सैय्यद ट्रेडर्स और एसएस इंटरप्राइजेज नाम से चल रहीं फर्मों के पीछे मुख्य अभियंता का ही हाथ है। चारों फर्मों की जांच शुरू हो गई है।
इसके अलावा खुफिया रिपोर्ट में पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन को अनधिकृत बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक किसी व्यक्ति विशेष के इशारे पर बनाई गई एसोसिएशन का काम सिर्फ टेंडर के लिए ठेकेदारों पर दबाव डालना ही है। पुलिस एसोसिएशन की जांच कराकर कार्रवाई की तैयारी में है। डेढ़ साल पहले गठित एसोसिएशन में 20-25 पार्षद हैं। पुलिस की मानें तो करीब छह माह पूर्व खुफिया ने जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें स्पष्ट था कि उक्त एसोसिएशन किसी अनधिकृत व्यक्ति के इशारे पर खड़ी की गई है।
इस एसोसिएशन का मुख्य काम दूसरे गुट के ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया से दूर कराना और अधिकारियों पर चहेते ठेकेदारों को ठेका देने का दबाव बनाना है। अब पुलिस इसके पदाधिकारियों के अलावा सदस्यों की भी कुंडली खंगालने में तेजी ला रही है। पुलिस कभी भी एसोसिएशन पर कार्रवाई का शिकंजा कस सकती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष पार्षद नवीन पंडित का कहना है कि एसोसिएशन सभी पार्षदों की मदद व सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेने के लिए बनी है। अभी तक दबाव बनाने जैसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि आती है तो तत्काल एसोसिएशन को भंग भी कर दिया जाएगा।
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लिपिकों के खिलाफ खरीद-फरोख्त में घोटाले की शिकायतें
पुलिस के पास दो दिनों में नगर निगम के खिलाफ छह शिकायतें आई हैं। इनमें तीन लिपिकों के खिलाफ खरीद-फरोख्त में घोटाले के आरोप लगाए गए हैं। लिपिक अब्दुल रहमान के अलावा मार्ग प्रकाश में कार्यरत कमरुद्दीन और मोहम्मद अरबिया अंसारी के खिलाफ भी भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती के लिए जेएनटी नाम से एजेंसी चलाने वाले राजन शुक्ला की भी जांच शुरू कर दी गई है। राजन पर आरोप है कि रुपये लेकर आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती की जाती है। इन्हीं शिकायतों में नीरज त्रिवेदी कंस्ट्रक्शन का नाम भी शामिल है। इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है।
नगर आयुक्त को पुलिस ने दी सुरक्षा
नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को पुलिस ने सुरक्षा प्रदान की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नगर आयुक्त की सुरक्षा में दो एसआई और चार कांस्टेबलों के साथ एक पुलिस की गाड़ी भी लगाई है ताकि वे बेखौफ होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा सकें।
सरगना गोविंद शर्मा की कार लेकर लौटी टीम (फोटो)
पुलिस ने बताया कि भ्रष्ट ठेकेदारों के फरार सरगना आगरा निवासी गोविंद शर्मा जिस कार को राजस्थान में छोड़कर भागा था, उसे लेकर पुलिस की एक टीम कानपुर आ गई है। गोविंद के अभी राजस्थान में किसी राजनीतिक संरक्षण में होने की आशंका के चलते एक टीम अभी वहीं पर डेरा डाले हुए है। वहीं नगर निगम में गुरुजी के नाम से चर्चित ठेकेदार और प्रोफेसर राजेश शुक्ला की भी तलाश की जा रही है।
पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन के अलावा वहां के अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच एडीसीपी से कराई जा रही है। जो भी दोषी मिला, कार्रवाई तय है। पुलिस की टीम फरार ठेकेदार गोविंद की भी तलाश कर रही है।
रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर
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इसके अलावा खुफिया रिपोर्ट में पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन को अनधिकृत बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक किसी व्यक्ति विशेष के इशारे पर बनाई गई एसोसिएशन का काम सिर्फ टेंडर के लिए ठेकेदारों पर दबाव डालना ही है। पुलिस एसोसिएशन की जांच कराकर कार्रवाई की तैयारी में है। डेढ़ साल पहले गठित एसोसिएशन में 20-25 पार्षद हैं। पुलिस की मानें तो करीब छह माह पूर्व खुफिया ने जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें स्पष्ट था कि उक्त एसोसिएशन किसी अनधिकृत व्यक्ति के इशारे पर खड़ी की गई है।
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इस एसोसिएशन का मुख्य काम दूसरे गुट के ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया से दूर कराना और अधिकारियों पर चहेते ठेकेदारों को ठेका देने का दबाव बनाना है। अब पुलिस इसके पदाधिकारियों के अलावा सदस्यों की भी कुंडली खंगालने में तेजी ला रही है। पुलिस कभी भी एसोसिएशन पर कार्रवाई का शिकंजा कस सकती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष पार्षद नवीन पंडित का कहना है कि एसोसिएशन सभी पार्षदों की मदद व सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेने के लिए बनी है। अभी तक दबाव बनाने जैसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि आती है तो तत्काल एसोसिएशन को भंग भी कर दिया जाएगा।
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लिपिकों के खिलाफ खरीद-फरोख्त में घोटाले की शिकायतें
पुलिस के पास दो दिनों में नगर निगम के खिलाफ छह शिकायतें आई हैं। इनमें तीन लिपिकों के खिलाफ खरीद-फरोख्त में घोटाले के आरोप लगाए गए हैं। लिपिक अब्दुल रहमान के अलावा मार्ग प्रकाश में कार्यरत कमरुद्दीन और मोहम्मद अरबिया अंसारी के खिलाफ भी भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती के लिए जेएनटी नाम से एजेंसी चलाने वाले राजन शुक्ला की भी जांच शुरू कर दी गई है। राजन पर आरोप है कि रुपये लेकर आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती की जाती है। इन्हीं शिकायतों में नीरज त्रिवेदी कंस्ट्रक्शन का नाम भी शामिल है। इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है।
नगर आयुक्त को पुलिस ने दी सुरक्षा
नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को पुलिस ने सुरक्षा प्रदान की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नगर आयुक्त की सुरक्षा में दो एसआई और चार कांस्टेबलों के साथ एक पुलिस की गाड़ी भी लगाई है ताकि वे बेखौफ होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा सकें।
सरगना गोविंद शर्मा की कार लेकर लौटी टीम (फोटो)
पुलिस ने बताया कि भ्रष्ट ठेकेदारों के फरार सरगना आगरा निवासी गोविंद शर्मा जिस कार को राजस्थान में छोड़कर भागा था, उसे लेकर पुलिस की एक टीम कानपुर आ गई है। गोविंद के अभी राजस्थान में किसी राजनीतिक संरक्षण में होने की आशंका के चलते एक टीम अभी वहीं पर डेरा डाले हुए है। वहीं नगर निगम में गुरुजी के नाम से चर्चित ठेकेदार और प्रोफेसर राजेश शुक्ला की भी तलाश की जा रही है।
पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन के अलावा वहां के अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच एडीसीपी से कराई जा रही है। जो भी दोषी मिला, कार्रवाई तय है। पुलिस की टीम फरार ठेकेदार गोविंद की भी तलाश कर रही है।
रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर