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कानपुर से मुकुल ने टांगा था स्कूल बैग
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:48 AM IST
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शहीद एसपी मुकुल द्विवेदी के बचपन का फोटो।
- फोटो : amarujala
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मथुरा के जवाहरबाग में अवैध कब्जेदारों से मोर्चा लेते हुए शहीद हुए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी ने किदवईनगर एम ब्लाक स्थित वासु मेमोरियल कान्वेंट स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा शुरू की थी। स्कूल के पास ही गल्ला व्यापारी प्रसन्न कुमार शुक्ला उर्फ पन्ना भइया का वह मकान आज भी है, जहां के बरामदे में मुकुल ने बचपन के खेल खेले और छज्जे पर खड़े होकर अपने पापा को टाटा किया।
मुकुल के बचपन को याद कर पन्ना भइया भावुक होते हुए सिर्फ इतना ही बोल पाए कि इसी गोद में खिलाया था बिंदु को (मुकुल के बचपन का नाम), विश्वास नहीं होता कि वो दुनिया से चला गया। मुकुल के बचपन के आठ साल कानपुर में गुजरे थे।
पन्ना भइया के मुताबिक सन् 72-74 के आसपास मुकुल के पिता श्रीचंद द्विवेदी उसे लेकर उनके मकान में किराए पर रहने आए थे। उस वक्त श्रीचंद्र जूही स्थित स्वदेशी मिल की कोआपरेटिव सोसाइटी में अधिकारी थे। मुकुल के छोटे भाई प्रफुल्ल का जन्म भी इसी मकान में हुआ है।
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मां के साथ जाते थे स्कूल
मुकुल ने सबसे पहले जो स्कूल देखा, वह एम ब्लाक का वासु मेमोरियल कान्वेंट ही था। अब यह स्कूल नहीं है। नन्हा मुकुल कंधे पर बैग टांग कर मां मनोरमा के साथ स्कूल जाया करता था। उधर मुकुल के ममेरे भाई श्याम नगर निवासी राजेश द्विवेदी उनकी याद में फफक पड़े।
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मुकुल के बचपन को याद कर पन्ना भइया भावुक होते हुए सिर्फ इतना ही बोल पाए कि इसी गोद में खिलाया था बिंदु को (मुकुल के बचपन का नाम), विश्वास नहीं होता कि वो दुनिया से चला गया। मुकुल के बचपन के आठ साल कानपुर में गुजरे थे।
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पन्ना भइया के मुताबिक सन् 72-74 के आसपास मुकुल के पिता श्रीचंद द्विवेदी उसे लेकर उनके मकान में किराए पर रहने आए थे। उस वक्त श्रीचंद्र जूही स्थित स्वदेशी मिल की कोआपरेटिव सोसाइटी में अधिकारी थे। मुकुल के छोटे भाई प्रफुल्ल का जन्म भी इसी मकान में हुआ है।
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मां के साथ जाते थे स्कूल
मुकुल ने सबसे पहले जो स्कूल देखा, वह एम ब्लाक का वासु मेमोरियल कान्वेंट ही था। अब यह स्कूल नहीं है। नन्हा मुकुल कंधे पर बैग टांग कर मां मनोरमा के साथ स्कूल जाया करता था। उधर मुकुल के ममेरे भाई श्याम नगर निवासी राजेश द्विवेदी उनकी याद में फफक पड़े।