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पिटे हुए पॉलिटिकल प्लेयर्स हार की हताशा में किसानों को गुमराह कर रहे: मुख्तार अब्बास नकवी
Sat, 06 Feb 2021 02:16 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 06 Feb 2021 02:16 PM IST
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मुख्तार अब्बास नकवी
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी शनिवार को कानपुर पहुंचे। उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर हमलावर विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा। नकवी ने कहा कि ये 'पिटे हुए पॉलिटिकल प्लेयर्स' हार की हताशा में किसानों को गुमराह करने की कोशिश में लगे हैं।
विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाते हुए बोले कि जिन्हें खेती के बारे में समझ नहीं है वो भी किसानों के हितैषी बन गए हैं। जबकि पूरे देश के किसान इस बात से संतुष्ट हैं कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर कृषक के साथ आत्मनिर्भर कृषि बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री नकवी ने कहा कि विपक्षी गुमराही रोग द्वारा 'साजिशों सुपारी का संदूक' और कुछ किसानों के कंधे पर बन्दूक के जरिये देश को बदनाम करने और किसानों के हितों का अपहरण करने की साजिश कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी गारंटी दी है कि न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) हटेगा, न तो मंडियां खत्म होंगी और न ही किसानों की जमीन पर किसी तरह का खतरा है। फिर भी किसानों की भावनाओं के साथ खेलकर विपक्ष जबरन आंदोलन में जुटा हुआ है। इन लोगों का काम सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बुरा-भला कहना है। ये लोग किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ज्यादातर किसान इस बात को समझ गए हैं।
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विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाते हुए बोले कि जिन्हें खेती के बारे में समझ नहीं है वो भी किसानों के हितैषी बन गए हैं। जबकि पूरे देश के किसान इस बात से संतुष्ट हैं कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर कृषक के साथ आत्मनिर्भर कृषि बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
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अल्पसंख्यक कार्य मंत्री नकवी ने कहा कि विपक्षी गुमराही रोग द्वारा 'साजिशों सुपारी का संदूक' और कुछ किसानों के कंधे पर बन्दूक के जरिये देश को बदनाम करने और किसानों के हितों का अपहरण करने की साजिश कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी गारंटी दी है कि न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) हटेगा, न तो मंडियां खत्म होंगी और न ही किसानों की जमीन पर किसी तरह का खतरा है। फिर भी किसानों की भावनाओं के साथ खेलकर विपक्ष जबरन आंदोलन में जुटा हुआ है। इन लोगों का काम सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बुरा-भला कहना है। ये लोग किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ज्यादातर किसान इस बात को समझ गए हैं।