{"_id":"5d2a15138ebc3e6cc4512ebf","slug":"mufti-azam-aafaq-ahmad-of-kannauj-is-died","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कन्नौज के धर्मगुरु मुफ्ती आजम आफाक अहमद का इंतकाल, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्नौज के धर्मगुरु मुफ्ती आजम आफाक अहमद का इंतकाल, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
Sat, 13 Jul 2019 11:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 13 Jul 2019 11:02 PM IST
विज्ञापन
मौलाना मुफ्ती आफाक के इंतकाल के बाद चाहने वालों की लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज बरेलवी विचारधारा के आलिम-ए-दीन मौलाना मुफ्ती आफाक अहमद मुजद्दिी का शनिवार सुबह करीब छह बजे कानपुर कार्डियोलॉजी में हृदयगति रुकने से इंतकाल हो गया। यह दुखद समाचार सुनते ही देश विदेश में रहने वाले उनके लाखों चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों का हुजूम शहर के हम्मालीपुरा स्थित मदरसा अलजामेअतुल अहमदिया में उमड़ पड़ा।
वह मुफ्ती-ए-आजम और जिला काजी भी थे। पूर्व मुख्यमंत्री और कन्नौज के पूर्व सांसद अखिलेश यादव ने भी मदरसा पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वह अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और छह बेटियां छोड़ गए हैं। उन्होंने कई शिक्षण संस्थाएं स्थापित कीं। गरीबों की मदद को मोहम्मदी इमदादी फाउंडेशन बनाया था।
विज्ञापन
वह मुफ्ती-ए-आजम और जिला काजी भी थे। पूर्व मुख्यमंत्री और कन्नौज के पूर्व सांसद अखिलेश यादव ने भी मदरसा पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वह अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और छह बेटियां छोड़ गए हैं। उन्होंने कई शिक्षण संस्थाएं स्थापित कीं। गरीबों की मदद को मोहम्मदी इमदादी फाउंडेशन बनाया था।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी दी श्रद्धांजलि, देश विदेश में उनके चाहने वाले में शोक की लहर
शहर के मोहल्ला हम्मालीपुरा निवासी जिला काजी आफाक अहमद मुजद्दिदी (63) बीते कई दिनों से दिल्ली, मुरादाबाद समेत कुछ और जिलों में अपने चाहने वालों के बुलावे पर दौरे पर थे। चार दिन से उनको हृदय में दिक्कत थी। शुक्रवार को वह शहर पहुंचे और रात करीब साढ़े बारह बजे सीने में तेज दर्द होने पर परिजन कानपुर के एक निजी अस्पताल ले गए।
यहां हालत में सुधार न होने पर उनको कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार सुबह 3:55 बजे उनको दोबारा अटैक पड़ा और सुबह छह बजे डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। जानकारी होते ही अस्पताल में ही उनके चाहने वालों की भीड़ लग गई। सुबह पार्थिव शरीर हम्मालीपुरा स्थित मदरसा अलजामे अतुल अहमदिया में लाया गया। जहां जानकारी होने पर जिले के ही नहीं दूसरे जनपदों के चाहने वालों की भीड़ लगने लगी। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का पूरे दिन तांता लगा रहा।
यहां हालत में सुधार न होने पर उनको कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार सुबह 3:55 बजे उनको दोबारा अटैक पड़ा और सुबह छह बजे डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। जानकारी होते ही अस्पताल में ही उनके चाहने वालों की भीड़ लग गई। सुबह पार्थिव शरीर हम्मालीपुरा स्थित मदरसा अलजामे अतुल अहमदिया में लाया गया। जहां जानकारी होने पर जिले के ही नहीं दूसरे जनपदों के चाहने वालों की भीड़ लगने लगी। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का पूरे दिन तांता लगा रहा।