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UP: MP-MLA कोर्ट का फैसला आज तय करेगा सपा नेता इरफान सोलंकी की विधायकी रहेगी या जाएगी, जानें पूरा मामला

Tue, 19 Mar 2024 01:33 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 19 Mar 2024 01:33 AM IST
सार

जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में स्थित एक प्लाट में रहने वाली नजीर फातिमा के घर में 7 नवंबर 2022 को आग लग गई थी। नजीर ने सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी व उनके साथियों पर आग लगाने का आरोप लगाया था। 

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MPMLA court decision will decide whether SP leader Irfan Solanki MLAship will remain or go
इरफान सोलंकी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जाजमऊ आगजनी मामले में फंसे सपा विधायक इरफान सोलंकी की विधायकी का फैसला मंगलवार को हो सकता है। एमपीएमएलए सेशन कोर्ट मुकदमे का फैसला सुना सकती है। कोर्ट ने इरफान को अगर बरी कर दिया तो इरफान को बड़ी राहत मिल जाएगी लेकिन अगर दो साल से अधिक की सजा सुनाई तो उनकी विधायकी भी जा सकती है। फैसला सुनने के लिए इरफान को कड़ी सुरक्षा में महाराजगंज जेल से कानपुर लाया जाएगा। इरफान के साथ उनके भाई रिजवान सोलंकी व तीन अन्य अभियुक्त का फैसला भी होना है।

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जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में स्थित एक प्लाट में रहने वाली नजीर फातिमा के घर में 7 नवंबर 2022 को आग लग गई थी। नजीर ने सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी व उनके साथियों पर आग लगाने का आरोप लगाया था। 

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रिपोर्ट में कहा गया था कि वह परिवार सहित रिश्तेदारी में एक विवाह समारोह में गई थीं। वहां से बीच में उनका बेटा किसी काम से घर आया था तो उसने देखा कि घर पर आग लगी थी। आरोपियों ने बेटे के साथ भी मारपीट की थी और उसे आग में धकेलने की कोशिश भी की गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक इरफान सोलंकी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए थे। जिसके चलते उनके ऊपर फर्जी आधार कार्ड के जरिए हवाई यात्रा करने का भी एक मुकदमा दर्ज हो गया था। गिरफ्तारी से बचने का कोई चारा न दिखाई देने पर आखिर उन्होंने अपने भाई रिजवान के साथ पुलिस कमिश्नर के यहां समर्पण कर दिया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। 

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जेल में विधायक से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री व सपा मुखिया अखिलेश यादव पहुंचे थे इसके बाद सुरक्षा कारणों से जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर इरफान को कानपुर से महाराजगंज जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। तब से इरफान महाराजगंज जेल में ही बंद हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों के खिलाफ छह चार्जशीट कोर्ट में पेश की हैं। पहली दो चार्जशीट में इरफान व रिजवान को आरोपी बनाया गया था जबकि दूसरी में मोहम्मद शरीफ, शौकत अली व इसराइल आटे वाला आरोपी थे। बाकी चार चार्जशीट अलग-अलग बाद में भेजी गई थीं। 

शुरुआती दोनों चार्जशीट के पांच आरोपियों के मुकदमों की सुनवाई एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में पिछले 1 मार्च को पूरी हो गई थी। कोर्ट ने फैसले के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है। इरफान महाराजगंज जेल में बंद है जबकि रिजवान शौकत अली व इसराइल आटे वाला कानपुर जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मोहम्मद शरीफ जेल से रिहा हो चुका है। पहले 14 मार्च को फैसला आना था लेकिन शरीफ व शौकत की अपील संबंधी नई जमानत दाखिल न होने पर कोर्ट ने फैसला टाल दिया था।

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