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दर्दनाकः अपनी जान गंवाकर बेटे को मौत के मुंह से निकाल लाई मां, मच गया कोहराम
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 21 Oct 2018 07:00 PM IST
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उत्तर प्रदेश के जनपद फतेहपुर में एक मां अपने बेटे को छटपटाता देख खुद को रोक न पाई। बेटे को बचाने में उसने अपनी जान गंवा दी। बेटे की हालत में सुधार है। परिजनों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
खागा कोतवाली क्षेत्र के जसराजपुर गांव निवासी ज्ञान सिंह का बेटा गोविंद (35) रात लगभग दस बजे इनवर्टर में चार्जिंग न होने पर उसके तार चेक कर रहा था। तभी करंट की चपेट में आ गया। बेटे को छटपटाते देखकर मां ऊषा देवी (55) डंडा लेकर बचाने के लिए दौड़ी। किसी तरह से बेटे को बचा लिया, लेकिन वह खुद करंट की चपेट में आ गई। परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन घर की बिजली सप्लाई बंद की गई।
परिजन ऊषा देवी और गोविंद को लेकर अस्पताल पहुंचे। सीएचसी से ऊषा देवी को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। गोविंद की हालत अब ठीक है। इधर, परिजनों में घटना से कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का रविवार दोपहर अंतिम संस्कार किया। कोतवाल सुरेश चंद्र ओमहरे का कहना है कि यह एक हादसा है। कोतवाली में परिवार ने कोई तहरीर नहीं दी है।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के जसराजपुर गांव निवासी ज्ञान सिंह का बेटा गोविंद (35) रात लगभग दस बजे इनवर्टर में चार्जिंग न होने पर उसके तार चेक कर रहा था। तभी करंट की चपेट में आ गया। बेटे को छटपटाते देखकर मां ऊषा देवी (55) डंडा लेकर बचाने के लिए दौड़ी। किसी तरह से बेटे को बचा लिया, लेकिन वह खुद करंट की चपेट में आ गई। परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन घर की बिजली सप्लाई बंद की गई।
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परिजन ऊषा देवी और गोविंद को लेकर अस्पताल पहुंचे। सीएचसी से ऊषा देवी को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। गोविंद की हालत अब ठीक है। इधर, परिजनों में घटना से कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का रविवार दोपहर अंतिम संस्कार किया। कोतवाल सुरेश चंद्र ओमहरे का कहना है कि यह एक हादसा है। कोतवाली में परिवार ने कोई तहरीर नहीं दी है।
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